रायपुर 25 दिसंबर 2025/ ETrendingIndia / IVF facility to be launched at AIIMS Raipur next year, providing significant relief in infertility treatment / AIIMS Raipur IVF Facility , छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए एक बड़ी स्वास्थ्य सुविधा की सौगात मिलने जा रही है। एम्स रायपुर में अगले वर्ष से आईवीएफ (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) सुविधा शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसके शुरू होने के बाद रायपुर, दिल्ली एम्स के बाद देश का दूसरा और छत्तीसगढ़ का पहला सरकारी संस्थान होगा, जहां यह आधुनिक इलाज उपलब्ध रहेगा।
आईवीएफ एक ऐसी चिकित्सा तकनीक है, जिसमें महिला के अंडाणु और पुरुष के शुक्राणु को शरीर के बाहर प्रयोगशाला में निषेचित किया जाता है। इसके बाद बने भ्रूण को महिला के गर्भाशय में प्रत्यारोपित किया जाता है। यह सुविधा उन दंपतियों के लिए कारगर होती है, जिन्हें लंबे समय से संतान प्राप्ति में कठिनाई आ रही है।
वर्तमान में छत्तीसगढ़ में आईवीएफ इलाज मुख्यतः निजी अस्पतालों में ही उपलब्ध है, जहां इसका खर्च काफी अधिक होता है। निजी संस्थानों में यह इलाज लाखों रुपये में होता है। वहीं, एम्स रायपुर में यह सुविधा शुरू होने पर 60 से 80 हजार रुपये के अनुमानित खर्च में इलाज संभव होगा। इससे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को विशेष रूप से बड़ा लाभ मिलेगा ।
एम्स रायपुर प्रबंधन के अनुसार, आईवीएफ केंद्र के लिए अलग और आधुनिक सेटअप तैयार किया जा रहा है। यहां आवश्यक लैब, उपकरण और प्रशिक्षित विशेषज्ञ डॉक्टरों की व्यवस्था की जाएगी। यह पूरा इलाज कानूनी दायरे में, केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों और नैतिक मानकों के अनुसार किया जाएगा। इसके लिए पंजीकरण और निगरानी की प्रक्रिया भी तय की गई है।
एम्स रायपुर पहले से ही छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों के मरीजों के लिए एक भरोसेमंद स्वास्थ्य केंद्र है। आईवीएफ सुविधा शुरू होने से यहां मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से बांझपन के इलाज में सफलता दर बढ़ेगी और हजारों दंपतियों का माता-पिता बनने का सपना पूरा हो सकेगा।
