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रायपुर / 2 नवंबर 2026 / ETrendingIndia / अखिल विश्व गायत्री परिवार के शताब्दी समारोह 2026 में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गायत्री मंत्र की आध्यात्मिक शक्ति और भारतीय संस्कृति में उसके योगदान को रेखांकित किया।

उन्होंने कहा कि 100 वर्ष पहले प्रज्वलित हुई अखंड ज्योति आज 100 से अधिक देशों में 15 करोड़ से अधिक परिवारों तक पहुंच चुकी है। यह यात्रा तप, त्याग, सेवा और संकल्प की प्रेरणादायक मिसाल है।

तीन ऐतिहासिक अवसरों का संगम है शताब्दी वर्ष

अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2026 में अखंड ज्योति के प्राकट्य के 100 वर्ष, परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के जन्म के 100 वर्ष और पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य की साधना के 100 वर्ष पूरे हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि माताजी ने स्वयं तपकर दूसरों के जीवन में प्रकाश फैलाया। यही गायत्री परिवार की मूल भावना है।

गायत्री मंत्र के 24 अक्षरों में छिपा व्यक्तित्व विकास का संदेश

गृह मंत्री ने कहा कि गायत्री मंत्र केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि संपूर्ण व्यक्तित्व परिवर्तन का मार्ग है। इसके 24 अक्षरों को 24 शुभ शक्तियों और गुणों से जोड़कर देखा गया है।

इनमें विवेक, संयम, साहस, तप, प्रेम, सेवा, पराक्रम और दूरदर्शिता जैसे गुण शामिल हैं। इनका विकास व्यक्ति को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

युवाओं तक पहुंचे भारतीय आध्यात्मिक मूल्य

शाह ने कहा कि गायत्री मंत्र के प्रति श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण की परंपरा स्थापित कर पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य ने भारतीय आध्यात्मिक चेतना को व्यापक बनाया। उन्होंने युवाओं में सकारात्मक सोच, स्मरण शक्ति और निर्णय क्षमता विकसित करने के लिए आध्यात्मिक मूल्यों के प्रसार पर जोर दिया। साथ ही गायत्री परिवार के सेवा और संस्कार अभियान को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।


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