Share This Article नई दिल्ली, 18 अक्टूबर 2026। 30 Feet Cockroach Effigy : दिल्ली के पीतमपुरा में आयोजित होने वाली रामलीला में इस बार रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के साथ कॉकरोच का 30 फुट ऊंचा पुतला भी जलाने की योजना है। आयोजकों का कहना है कि इस पहल के जरिए स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने का संदेश दिया जाएगा। हालांकि, सोशल मीडिया पर इस फैसले को लेकर बहस शुरू हो गई है। कुछ लोग इसे सफाई अभियान से जुड़ी पहल बता रहे हैं, जबकि अन्य इसे मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर सवाल उठा रहे हैं। स्वच्छता का संदेश देने के लिए बनाई गई योजना पीतमपुरा में वार्षिक रामलीला आयोजित करने वाली श्री केशव राम लीला समिति के अनुसार, कॉकरोच को गंदगी और मैल का प्रतीक मानते हुए उसका पुतला जलाने की योजना बनाई गई है। समिति का कहना है कि इसका उद्देश्य स्वच्छ भारत और स्वच्छ दिल्ली जैसे अभियानों के तहत लोगों को सफाई के महत्व के प्रति जागरूक करना है। आयोजकों ने राजनीतिक मंशा से किया इनकार समिति के अध्यक्ष और भाजपा विधायक अशोक गोयल के अनुसार, यह निर्णय राजनीतिक कारणों से नहीं लिया गया है। उन्होंने इसे बुराई पर अच्छाई की जीत के पारंपरिक संदेश के साथ स्वच्छता का महत्व जोड़ने की पहल बताया। योजना के मुताबिक, कॉकरोच के पुतले को रावण की सेना में असुरों के बीच दर्शाया जाएगा। कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनों से जोड़ रहे लोग इस पहल को लेकर कुछ लोग इसे हाल में चर्चा में रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनों से जोड़कर देख रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, CJP ने शुरुआत में पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ प्रदर्शन किया था और बाद में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से जुड़े प्रदर्शनों में भी शामिल हुई। सोशल मीडिया पर उठे धार्मिक और राजनीतिक सवाल सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स का कहना है कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में मौजूदा राजनीतिक विवादों को शामिल करने से त्योहार के पारंपरिक महत्व पर असर पड़ सकता है। कुछ लोगों ने आशंका जताई कि इससे धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं। वहीं, अन्य यूजर्स ने स्वच्छता के संदेश को इस पहल का सकारात्मक पहलू बताया है। दशहरे के संदेश को लेकर छिड़ी चर्चा दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में कॉकरोच के पुतले को जलाने की योजना ने आयोजन के उद्देश्य और उसके संभावित राजनीतिक अर्थों को लेकर बहस पैदा कर दी है। फिलहाल आयोजकों ने इसे स्वच्छता जागरूकता से जुड़ी पहल बताया है, जबकि सोशल मीडिया पर इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। Share This Article Post navigation Female Police Deployment : रायपुर में गरबा करने वाली महिलाओं के लिए खास सुरक्षा इंतजाम, पंडालों में श्रद्धालु बनकर निगरानी करेंगी महिला पुलिसकर्मी Navratri Festival 2026 : नारी शक्ति के सम्मान और आत्मनिर्भरता पर CM साय का जोर, माता कौशल्या की पावन धरती छत्तीसगढ़ में शक्ति आराधना की समृद्ध परंपरा, देवी शक्तिपीठ हमारी आस्था और संस्कृति की अमूल्य धरोहर