बेमेतरा 17 नवंबर 2025 / ETrendingIndia / APC and Secretary in-charge observed the vegetable production model of women self-help groups in the villages of Bemetara district and appreciated it/ बेमेतरा महिला समूह सब्जी उत्पादन , कृषि उत्पादन आयुक्त एवं प्रभारी सचिव श्रीमती सहला निगार ने आज बेमेतरा जिले के विभिन्न ग्रामों का दौरा कर महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित नवाचारपूर्ण सब्जी उत्पादन और मल्टी-क्रॉपिंग मॉडल का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण में जिला कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा भी सम्मिलित रहे।
निरीक्षण का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, सतत कृषि पद्धति और छोटे किसानों के लिए विकसित की जा रही कम लागत–उच्च उत्पादन तकनीकों को समझना तथा इन मॉडलों को जिले में बड़े पैमाने पर प्रसारित करना रहा।
ग्राम बमनी डी, कठिया, कंटेली और लोलेसरा में फूलगोभी और पालक उत्पादन की सराहना
निरीक्षण की शुरुआत ग्राम बमनी डी से की गई, जहाँ महिला स्वयं सहायता समूहों ने सामूहिक रूप से विकसित सब्जी क्षेत्रों का प्रदर्शन किया। समूहों की महिलाओं ने बताया कि वर्तमान सीजन में उन्होंने फूलगोभी और पालक की खेती को प्राथमिकता दी है, क्योंकि यह फसलें कम समय में तैयार हो जाती हैं और बाजार में इनकी लगातार मांग बनी रहती है।
इसके बाद दल ग्राम कठिया, कंटेली और लोलेसरा पहुँचा। इन गाँवों में भी महिलाओं की कृषि गतिविधियाँ अत्यंत व्यवस्थित दिखाई दीं। खेतों में पाले से सुरक्षा, जैविक खाद का प्रयोग, मल्चिंग और कतारदार खेती जैसी तकनीकों का उपयोग देखकर कृषि उत्पादन आयुक्त ने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि महिलाएँ आज केवल घरेलू दायित्व तक सीमित नहीं, बल्कि वैज्ञानिक पद्धति से कृषि करते हुए गाँव की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही हैं.
श्रीमती निगार ने समूहों से संवाद करते हुए उनकी आय में हुई वृद्धि, बाजार उपलब्धता, सब्जी परिवहन और मंडी दरों की स्थिति के बारे में भी जानकारी ली। समूह की महिलाएँ आत्मविश्वास से भरी हुई थीं और उन्होंने बताया कि सब्जियों के उत्पादन से उनकी मासिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना ‘नारी शक्ति समूह’ का उदाहरण सराहा
निरीक्षण के अगले चरण में दल ग्राम चिखली (ब्लॉक साजा) पहुँचा, जहाँ प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत विकसित वृक्षारोपण सह सब्जी उत्पादन मॉडल को देखा गया। यहाँ ‘नारी शक्ति समूह’ द्वारा विकसित की जा रही सब्जियों और पौधारोपण क्षेत्र ने अधिकारियों को प्रभावित किया।
समूह द्वारा बताया गया कि माइक्रो-इरिगेशन और ड्रिप व्यवस्था ने पानी की बचत के साथ उत्पादन को कई गुना बढ़ाया है।
बेमेतरा महिला समूह सब्जी उत्पादन , कृषि उत्पादन आयुक्त ने इस मॉडल की विशेष प्रशंसा करते हुए कहा कि यह ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, कौशल और आत्मनिर्भरता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिला स्व-सहायता समूहों को सब्जियों की उचित बाजार उपलब्धता, कोल्ड-चेन व परिवहन सुविधा,जैविक खाद उत्पादन प्रशिक्षण, बीज उपचार और पोषक प्रबंधन तकनीक
नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाए। महिला समूहों को विपणन सुविधा और तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए |
कृषि उत्पादन आयुक्त एवं प्रभारी सचिव ने कहा कि भविष्य में इन समूहों को अतिरिक्त योजनाओं से जोड़कर सब्जी उत्पादन को जिले में बड़े पैमाने पर विकसित किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान डीडीए मोरध्वज डडसेना सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, ग्रामीण महिलाएँ एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
