रायपुर / ETrendingIndia / IFFI 2025 भव्य उद्घाटन , भारत ने विश्व फिल्म समुदाय का किया स्वागत
IFFI 2025 भव्य उद्घाटन , भारत के प्रीमियर फिल्म इवेंट और दक्षिण एशिया के सबसे पुराने फिल्म समारोह IFFI के 56वें संस्करण का शुभारंभ गुरुवार को रंगारंग परेड के साथ हुआ। पंडजी के डीबी रोड को सांस्कृतिक कॉरिडोर में बदलते हुए यह परेड ओल्ड गोवा मेडिकल कॉलेज से काला अकादमी तक निकाली गई, जिसने हजारों दर्शकों, पर्यटकों और फिल्म डेलिगेट्स को आकर्षित किया।
क्रिएटिविटी और टेक्नोलॉजी के संगम को समर्पित IFFI 2025
20 से 28 नवंबर तक चलने वाला IFFI 2025 इस वर्ष “Convergence of Creativity and Technology” थीम पर केंद्रित है। इस दौरान वैश्विक सिनेमा, इंडस्ट्री फोरम्स, को-प्रोडक्शन अवसर, इनोवेशन और सहयोग को प्रमुखता दी जाएगी। परेड में 12 गोवा सरकारी झांकियों सहित दो दर्जन से अधिक फ्लोट्स ने भारतीय सिनेमा, एनीमेशन और विविध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया।
परेड में भारतीय परंपरा और मनोरंजन का संगम
लोकनृत्य प्रस्तुति ‘भारत एक सूर’ में 100 से अधिक कलाकारों ने विविध लोक-संस्कृतियों का प्रदर्शन किया। बच्चों के लिए परेड का आकर्षण रहे एनिमेटेड कैरेक्टर — छोटा भीम, मोटू-पतलू और बिट्टू बहनेबाज़। गोवा की कार्निवल स्पिरिट और भारतीय सिनेमा की चमक को मिलाकर इस परेड ने नौ-दिवसीय फिल्म महोत्सव के लिए ऊर्जावान माहौल तैयार किया।
उद्घाटन समारोह में शामिल हुए दिग्गज
गोवा के राज्यपाल पुसापति अशोक गजपति राजू ने समारोह का उद्घाटन करते हुए IFFI को वैश्विक क्रिएटिव संवाद और प्रतिभा विकास का प्रमुख मंच बताया। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि IFFI ने गोवा को विश्वस्तरीय फिल्म निर्माण केंद्र के रूप में नई पहचान दिलाई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत की सॉफ्ट पावर को बढ़ावा देने में उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया।
IFFI का अब तक का सबसे बड़ा संस्करण
सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने IFFI के स्ट्रीट कार्निवल फॉर्मेट को इंडस्ट्री के साथ इसके निरंतर विकास का संकेत बताया। I&B सचिव संजय जाजू ने कहा कि यह IFFI का सबसे बड़ा संस्करण है, जिसमें 80 देशों की लगभग फिल्मों, अनेक ग्लोबल प्रीमियर और AI Film Hackathon व विस्तारित WAVES Film Bazaar जैसी नई पहल शामिल हैं।
दिग्गज अभिनेता को ट्रिब्यूट और शानदार ओपनिंग फिल्म
इस वर्ष महोत्सव ने तेलुगु सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नंदमूरी बालकृष्ण को उनके 50 वर्ष लंबे फिल्म करियर के लिए विशेष श्रद्धांजलि दी। उद्घाटन फिल्म के रूप में ब्राज़ीलियन निर्देशक गैब्रियल मास्कारो की डिस्टोपियन ड्रामा The Blue Trail (O Último Azul) प्रदर्शित की गई, जिसने दर्शकों को अपने अनूठे विज़न से प्रभावित किया।
