रायपुर / ETrendingIndia / समुद्र में बढ़ता पारा स्तर , स्टडी में समुद्र में पारा बढ़ने की पुष्टि
नई रिसर्च ने स्पष्ट किया कि समुद्र में बढ़ता पारा स्तर एक गंभीर पर्यावरणीय खतरा बन रहा है। स्टडी में 1990 से 2021 के बीच यूके तटों पर फंसे 738 हार्बर पोर्पोइज़ के लीवर सैंपल का विश्लेषण किया गया। इसके बाद शोधकर्ताओं ने पाया कि पारा स्तर समय के साथ लगातार बढ़ा है। इसलिए, इस बदलाव ने वैज्ञानिकों को चिंतित कर दिया है।
संक्रमण से मौत का बढ़ता जोखिम
स्टडी में यह भी सामने आया कि जिन समुद्री जीवों में पारे का स्तर अधिक था, उनमें संक्रमण से मरने की संभावना अधिक थी। हालांकि, सभी जीव प्रभावित नहीं होते, लेकिन अधिक पारा उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम कर देता है। इस कारण, कई प्रजातियाँ गंभीर संक्रमणों का सामना कर रही हैं।
मानव गतिविधियाँ मुख्य कारण
शोध के अनुसार, औद्योगिक क्रांति के बाद से इंसानी गतिविधियों ने स्थिति और खराब की है। उदाहरण के लिए, कोयला और जीवाश्म ईंधन के जलने से पारा हवाओं में फैलता है और फिर समुद्र में जमा हो जाता है। इसके परिणामस्वरूप, 1,000 मीटर से कम गहराई वाले समुद्री हिस्सों में पारे का स्तर तीन गुना तक बढ़ चुका है।
बदलती जलवायु से समस्या और बढ़ी
इसके अलावा, समुद्र का बढ़ता तापमान और बदलती फूड वेब भी समस्या को बढ़ा रहे हैं। गर्म पानी पारे को तेजी से खाद्य श्रृंखला में पहुंचाता है। इसलिए, कई समुद्री जीव अब अधिक पारा अवशोषित कर रहे हैं। अंततः, यह पूरी समुद्री पारिस्थितिकी के लिए खतरा बन रहा है।
