रायपुर, 24 नवम्बर 2025 / ETrendingIndia / The message of democracy is reaching every voter, crossing mountains, rivers, forests and every inaccessible area./ विशेष पुनरीक्षण अभियान छत्तीसगढ़ , भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान ने छत्तीसगढ़ के दुर्गम इलाकों में भी रफ्तार पकड़ ली है।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी के नेतृत्व में प्रशासनिक टीमें और बीएलओ सुदूर पहाड़ी अंचलों, घने जंगलों और नदी-नालों से होकर हर घर तक पहुँच रही हैं, ताकि कोई भी नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे।
ज्ञात हो कि जिले में वर्तमान में 92,637 मतदाता पंजीकृत हैं। वर्ष 2025 की मतदाता सूची को आधार मानकर बीएलओ लगातार घर-घर गणना पत्रक वितरित कर रहे हैं। इन पत्रकों को भरना सभी मतदाताओं के लिए अनिवार्य है। अब तक 47.02 प्रतिशत गणना पत्रक प्राप्त कर उनके डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है।
विशेष पुनरीक्षण के इस चरण में वर्ष 2025 के पंजीकृत मतदाताओं का मिलान वर्ष 2003 की मतदाता सूची से किया जा रहा है। मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन 9 दिसंबर 2025 को निर्धारित है।
सूची में उसी मतदाता का नाम शामिल किया जाएगा, जिसका गणना पत्रक बीएलओ को प्राप्त हो गया हो या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जमा किया गया हो।
प्रारंभिक प्रकाशन के बाद दावे और आपत्तियाँ 8 जनवरी 2026 तक स्वीकार की जाएंगी। इसके पश्चात सभी प्रकरणों के निराकरण के बाद अंतिम मतदाता सूची 7 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
इसी क्रम में बीएलओ और प्रशासनिक टीमें दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों, जंगलों और दूरस्थ बसे गांवों तक पैदल मीलों चलकर, नदी-नालों को पार करते हुए लगातार पहुँच रही हैं। उनका लक्ष्य है कि “हर मतदाता महत्वपूर्ण” केवल एक नारा न रहकर जमीनी हकीकत बने। सुदूर अंचलों में चल रहा यह व्यापक जुड़ाव अभियान लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाते हुए मतदाता जागरूकता और सहभागिता को नए आयाम दे रहा है।
