Dharmendra
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रायपुर 24 नवंबर 2025/ ETrendingIndia / Six decades of shining star: Dharmendra’s amazing film journey / धर्मेंद्र की छह दशकों की फिल्मी यात्रा , भारतीय सिनेमा के इतिहास में धर्मेंद्र ऐसा नाम है, जिसने अपनी साधारण ग्रामीण पृष्ठभूमि से उठकर फिल्म उद्योग में असाधारण ऊँचाइयाँ हासिल कीं।

पंजाब के एक छोटे से गाँव से निकलकर 1960 के दशक में मुंबई पहुँचे धर्मेंद्र ने अपने मेहनत, समर्पण और सहज व्यक्तित्व से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। उनकी यात्रा न केवल एक कलाकार की सफलता का प्रतीक है, बल्कि यह प्रेरणा भी देती है कि सपनों को मेहनत और विश्वास से कैसे सच किया जा सकता है।

धर्मेंद्र का फिल्मी करियर छह दशकों से अधिक समय तक फैला है। इस लंबे सफर में उन्होंने रोमांस, एक्शन, कॉमेडी और सामाजिक विषयों पर बनी फिल्मों में अपने अभिनय का अनोखा रंग भर दिया।

‘फूल और पत्थर’, ‘शोले’, ‘सीता और गीता’, ‘यादों की बारात’, ‘धरम वीर’ और ‘चुपके-चुपके’ जैसी फिल्मों ने उन्हें सुपरस्टार के रूप में स्थापित किया।

वे ‘ही-मैन’ के नाम से मशहूर हुए, लेकिन उनके दिल की कोमलता और जमीन से जुड़े व्यवहार ने उन्हें हर वर्ग के दर्शकों का प्रिय बना दिया।

धर्मेंद्र की छह दशकों की फिल्मी यात्रा , एक कलाकार के रूप में धर्मेंद्र ने यह दिखाया कि लोकप्रियता के साथ विनम्रता कैसे निभाई जाती है। परिवार के प्रति उनकी निष्ठा, सहकर्मियों के प्रति उनके सम्मान और जीवन के प्रति सकारात्मक नजरिया ने उन्हें एक आदर्श व्यक्तित्व बनाया। आज भी उनके योगदान को फिल्म उद्योग में सम्मान के साथ याद किया जाता है।

धर्मेंद्र की कहानी केवल एक अभिनेता की नहीं, बल्कि संघर्ष, समर्पण और सफलता की ऐसी मिसाल है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

भारतीय सिनेमा के इस महान कलाकार की रोशनी आज भी उतनी ही उज्ज्वल है, जितनी उनके सुनहरे दौर में थी।