Share This Article रायपुर / ETrendingIndia / चक्रवात के बाद श्रीलंका में विनाश का दृश्य चक्रवात डिटवा तबाही श्रीलंका में बेहद गंभीर रही है। आपदा प्रबंधन केंद्र के अनुसार 193 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।इसके अलावा 228 लोग अभी भी लापता हैं।बाढ़ और भूस्खलन ने करीब एक मिलियन लोगों को प्रभावित किया है। इसलिए हजारों लोग राहत शिविरों में आश्रय लेने को मजबूर हुए। बाढ़ का खतरा अब भी बरकरार श्रीलंका की दो प्रमुख नदियों, केलानी और महावेली, के लिए बाढ़ अलर्ट जारी है।इसके साथ ही 206 सड़कें, 10 पुल और कई रेलमार्ग क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।बिजली विभाग बहाली में जुटा है। हालांकि गिरे हुए 132 kV टॉवर की मरम्मत में अधिक समय लगेगा। भारत ने शुरू किया बचाव और मानवीय मिशन भारत ने तेजी से मदद भेजते हुए अपने नागरिकों की वापसी शुरू कर दी है।कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग की समन्वय से वायुसेना और वाणिज्यिक उड़ानों के ज़रिए लोगों को निकाला जा रहा है।इसके अलावा यह प्रयास ऑपरेशन सागर बंधु का विस्तार है। यह अभियान इसलिए बढ़ाया गया क्योंकि चक्रवात डिटवा तबाही श्रीलंका में लगातार बढ़ती जा रही है। राहत कार्यों में जुटी टीमें बचाव अभियान जारी है। दो NDRF टीमों को कोच्चिकाडे और बदुल्ला क्षेत्रों में तैनात किया गया है।इन टीमों का मुख्य काम फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना है।अधिकारियों का कहना है कि राहत कार्य तब तक जारी रहेंगे, जब तक सभी प्रभावित क्षेत्रों का पुनरुद्धार नहीं हो जाता। Share This Article Post navigation हांगकांग अग्निकांड के बाद चीन ने देशभर में अग्नि सुरक्षा निरीक्षण शुरू किए IAF ने 300 NDRF कर्मी और 35 टन उपकरण एयरलिफ्ट किए, श्रीलंका और भारत में राहत तेज