Northeast tourism
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रायपुर 18 दिसंबर 2025/ ETrendingIndia / Tripura’s major initiative to give a new identity to Northeast tourism: Promotion of cultural -spiritual tourism through Matabari Circuit / त्रिपुरा माताबाड़ी सर्किट , पूर्वोत्तर भारत, विशेष रूप से त्रिपुरा, देश की सांस्कृतिक विविधता, प्राचीन इतिहास और प्राकृतिक सौंदर्य का अनूठा संगम है। इसी क्षमता को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में केंद्र सरकार ने ठोस कदम उठाए हैं।

केंद्रीय संचार एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया की अध्यक्षता में त्रिपुरा के माताबाड़ी पर्यटन सर्किट के विकास को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में त्रिपुरा के मुख्यमंत्री प्रो. (डॉ.) माणिक साहा सहित केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। चर्चा का मुख्य उद्देश्य माताबाड़ी सर्किट को एक आदर्श सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना रहा, जिससे न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़े, बल्कि स्थानीय लोगों को स्थायी आजीविका के अवसर भी मिलें।

श्री सिंधिया ने जोर दिया कि त्रिपुरा के इतिहासकारों और पारंपरिक ज्ञान धारकों को पर्यटन व्यवस्था से जोड़ा जाए। उन्हें पर्यटक गाइडों के प्रशिक्षण में शामिल कर इतिहास की प्रामाणिक जानकारी उपलब्ध कराई जाए। इससे पर्यटन सेवाओं में गुणवत्ता बढ़ेगी और राज्य की सांस्कृतिक पहचान सशक्त होगी।

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि पर्यटन विकास जैविक, प्राकृतिक और स्थानीय मूल्यों के अनुरूप होना चाहिए। माताबाड़ी सर्किट में त्रिपुरा के स्थानीय व्यंजन, कला और जीवनशैली को पर्यटक अनुभव का हिस्सा बनाने पर विशेष बल दिया गया।

साथ ही, बड़े आतिथ्य समूहों की भागीदारी के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर छोटे उद्यमों को भी प्रोत्साहित करने की रणनीति पर सहमति बनी।

यह पहल पूर्वोत्तर, खासकर त्रिपुरा, को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

माताबाड़ी सर्किट को एक मॉडल के रूप में विकसित कर पूरे भारत में संतुलित और टिकाऊ पर्यटन विकास के लिए उदाहरण बनाने का लक्ष्य रखा गया है।