रायपुर 21 दिसम्बर 2025/ ETrendingIndia / Kashmir receives season’s first snowfall: Weather turns moody with the onset of Chilla-e-Kalan / कश्मीर में पहली बर्फबारी , कश्मीर में कड़ाके की ठंड के 40 दिन के दौर ‘चिल्ला-ए-कलां’ की शुरुआत के साथ ही सीजन की पहली बर्फबारी हुई है।
रविवार को घाटी के कई हिस्सों में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी दर्ज की गई, जिससे लंबे समय से चल रहे सूखे और धुंधभरे मौसम से लोगों को राहत मिली है।
गुरेज और वरवान घाटी के अलावा दक्षिण और उत्तर कश्मीर के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी हुई। सिंथन टॉप, रजदान पास, साधना टॉप, जोजिला और सोनमर्ग में ताजा बर्फ जमी है।
वहीं द्रास और कारगिल जिले के कुछ इलाकों में भी बर्फबारी दर्ज की गई। मैदानी क्षेत्रों, श्रीनगर समेत अन्य प्रमुख शहरों में हल्की से मध्यम बारिश हुई।

मौसम विभाग के अनुसार, बारिश और बर्फबारी से प्रदूषण के कण कम हुए हैं, जिससे कोहरे और स्मॉग में कमी आई है और हवा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। बीते कुछ समय से सूखे मौसम और कम हवा के कारण शहरी इलाकों में वायु प्रदूषण बढ़ गया था।
हालांकि ठंड का असर अभी भी बना हुआ है। कई इलाकों में तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया है और आने वाले दिनों में रात के तापमान में और गिरावट की संभावना है।
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में और बर्फबारी तथा निचले इलाकों में हल्की बारिश का पूर्वानुमान जताया है। शीतलहर की स्थिति भी बनी रह सकती है।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सर्दी के मौसम को देखते हुए तैयारियों की समीक्षा की है। उन्होंने सड़कों की स्थिति, बिजली आपूर्ति, पेयजल और आपात सेवाओं को सुचारु रखने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन ने लोगों से पहाड़ी और बर्फीले रास्तों पर यात्रा करते समय सावधानी बरतने की अपील की है, क्योंकि बर्फ जमने से सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं।
अधिकारियों ने बताया कि बर्फ हटाने और जरूरी सेवाएं जारी रखने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम कर लिए गए हैं।
चिल्ला-ए-कलां के बाद चिल्ला- ए-खुर्द और चिल्ला-ए- बच्चा के दो अपेक्षाकृत कम ठंडे दौर आते हैं। फिलहाल घाटी सबसे कठोर सर्दी के दौर में प्रवेश कर चुकी है।
