रायपुर 22 दिसंबर 2025/ ETrendingIndia / भारत की आध्यात्मिक कला दुबई में
देवा कला प्रदर्शनी दुबई में भारत की आध्यात्मिक और पारंपरिक कला को दर्शकों के सामने पेश कर रही है। इस प्रदर्शनी का आयोजन इंडियन फोक आर्ट कॉरिडोर द्वारा किया गया है। इसमें लगभग 70 कलाकृतियां हैं, जो विभिन्न धर्मों से प्रेरित हैं और एकता का संदेश देती हैं।
विविध धर्मों की कला और थीम
प्रदर्शनी में हिंदू, इस्लाम, बौद्ध और जैन धर्म से जुड़ी कलाकृतियां हैं। दर्शकों को भारत की समृद्ध आध्यात्मिक और कलात्मक विरासत का अनुभव मिलता है। इसमें पिचवाई, थेय्यम, केरल म्यूरल, मधुबनी, कलमकारी, लिप्पन, तंजौर और शिल्प शास्त्र जैसी पारंपरिक शैलियों की कलाकृतियां शामिल हैं।
प्रमुख कलाकृतियां और आकर्षण
प्रदर्शनी में भगवान बुद्ध, भगवान गणेश, भगवान कृष्ण, देवी दुर्गा और श्रीनाथ जी की मूर्तियां हैं। इसके अलावा काबा और अन्य आध्यात्मिक प्रतीकों का प्रदर्शन भी किया गया है। पिचवाई और थेय्यम कला प्रदर्शनी के मुख्य आकर्षण हैं। कई पिचवाई कलाकृतियां भारत से विशेष रूप से भेजी गई हैं।
अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के लिए सीख और संदेश
क्यूरेटर विदिशा पांडे ने कहा कि ऐसे आयोजन भारत की कला को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाते हैं। ये प्रदर्शनी अंतरराष्ट्रीय दर्शकों को भारतीय सांस्कृतिक और कलात्मक परंपराओं से परिचित कराती है। इस प्रकार देवा कला प्रदर्शनी दुबई भारत की कला और आध्यात्मिक विविधता को एक मंच पर लाने का प्रयास है।
प्रदर्शनी की अवधि
प्रदर्शनी दुबई इंटरनेशनल आर्ट सेंटर में 24 दिसंबर तक खुली रहेगी। कुल मिलाकर, यह आयोजन भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कला की वैश्विक पहचान का प्रतीक है।
