Share This Article ETrendingIndia रायपुर / हेमलता सब्जी उद्यमी प्रेरणादायक कहानी साबित करती है कि जब हौसले बुलंद हों, तो कोई भी सपना अधूरा नहीं रहता। गौरला-पेंड्रा-मारवाही जिले के ग्राम अमारू की रहने वाली हेमलता कुशवाहा कभी एक साधारण गृहिणी थीं, लेकिन आज वह गांव की महिलाओं के लिए मिसाल बन चुकी हैं। हेमलता की यह यात्रा तनु महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद शुरू हुई। शुरुआत में उन्होंने सामुदायिक निवेश निधि से 50 हजार रुपये प्राप्त कर टमाटर की खेती प्रारंभ की और पहले ही प्रयास में 10 हजार रुपये का मुनाफा कमाया। इससे प्रेरित होकर उन्होंने बैंक लिंकेज से अधिक धन लिया और आधुनिक ड्रिप सिस्टम तथा मचान विधि का प्रयोग करते हुए एक एकड़ में जैविक खेती शुरू की। हेमलता सब्जी उद्यमी प्रेरणादायक कहानी यहीं नहीं रुकी — उन्हें इस प्रयास से 50 हजार रुपये का शुद्ध लाभ हुआ। हालाँकि शुरुआत में उन्हें मौसम, बाजार और उत्पादन की गुणवत्ता जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन कृषि सखी की सहायता और आत्मबल के कारण वे आगे बढ़ती रहीं। अब वह हर तीन महीने में 40 से 50 हजार रुपये तक की कमाई कर रही हैं और अपनी सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और एनआरएलएम को देती हैं। उद्यमी प्रेरणादायक कहानी यह संदेश देती है कि अगर संकल्प मजबूत हो, तो सीमित साधनों से भी असाधारण सफलता प्राप्त की जा सकती है। Share This Article Post navigation 22 मई को होगी छत्तीसगढ़ प्री बी.एड. और डी.एल.एड. प्रवेश परीक्षा 2025 पेंड्रा फिजिकल कॉलेज में BPED और DPED में प्रवेश हेतु आवेदन आमंत्रित, अंतिम तिथि 10 जून 2025