Sehore
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रायपुर 8 जनवरी 2026 / ETrendingIndia / A grand event will be held on January 14 at the Martyr’s Memorial: The thrill of a laser show will be seen for the first time in the skies of Sehore, bringing the revolution of 1857 to life with colorful rays / सीहोर लेजर शो , मकर संक्रांति के अवसर पर 14 जनवरी को मध्य प्रदेश के सीहोर क्रांति अमरवीर वंदन कार्यक्रम के दौरान शहीद समाधि स्थल पर लेजर शो का आयोजन किया जाएगा। इस शो के माध्यम से सीहोर क्रांति की गौरव गाथा का प्रस्तुतिकरण होगा।

40 फीट ऊपर आसमान में चलेगी लघु फिल्म

देश की राजधानी दिल्ली की एक इवेंट कंपनी द्वारा इस कार्यक्रम की तैयारी की जा रही है। शो के दौरान लेजर किरणों के माध्यम से आसमान में करीब 40 फीट की ऊंचाई पर सीहोर क्रांति पर आधारित एक लघु फिल्म दिखाई जाएगी। आधुनिक लेजर लाइट और दमदार साउंड के साथ 1857 के शहीदों के बलिदान को आसमान पर उकेरा जाएगा, जो शहरवासियों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव होगा। इसके अलावा सुप्रसिद्ध ऑर्केस्ट्रा कलाकारों द्वारा देशभक्ति गीतों की शानदार प्रस्तुति दी भी जाएगी।

आयोजन समिति ने बताया कि शाम 6 बजे से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में संगीत और तकनीक के माध्यम से शहीदों को वंदन किया जाएगा।

‘सीहोर क्रांति’ के प्रतीक चिह्न का विमोचन : 1857 के शहीदों को समर्पित

क्षेत्रीय विधायक श्री सुदेश राय ने गत दिन सीहोर क्रांति के प्रतीक चिह्न (लोगो) का विमोचन किया। यह प्रतीक चिन्ह जिले के उस गौरवशाली इतिहास का प्रतीक है, जब 6 अगस्त 1857 से 14 जनवरी 1858 के बीच सीहोर के अमर क्रांतिकारियों ने 6 माह की सशस्त्र क्रांति के जरिए आजादी का बिगुल फूंका था। इस दौरान सीहोर छावनी को आजाद करवा लिया था और सिपाही बहादुर सरकार का गठन किया था। आजादी के इस आंदोलन में विद्रोही सैनिकों का नेतृत्व महावीर कोठ और वली शाह ने किया था।

प्रतीक चिन्ह लोकार्पण कार्यक्रम में विधायक श्री राय ने कहा कि यह प्रतीक चिह्न नई पीढ़ी को हमारे पूर्वजों के शौर्य और बलिदान की याद दिलाएगा। किस प्रकार देश और धर्म की रक्षा के लिये 356 से अधिक क्रांतिकारियों ने अपने सीने पर गोलियॉ खाकर देश के लिए बलिदान दिया। उनके इस अमर बलिदान को सीहोर क्रांति के प्रतीक चिन्ह से पूरे देश में पहचान मिलेगी ।

कार्यक्रम में सैकड़ाखेड़ी मार्ग स्थित शहीद समाधि स्थल निर्माण व आयोजन समिति के ओमदीप, सुरेश गुप्ता, अनिल राय, सुरेन्द्र रल्हन, आनन्द गांधी, आशीष गुप्ता, अतुल तिवारी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

समिति के सदस्यों ने बताया कि इस प्रतीक चिन्ह के माध्यम से सीहोर के स्वाभिमान और ऐतिहासिक गौरव को जन-जन तक पहुँचाने का अभियान चलाया जाएगा।