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रायपुर 12 जनवरी 2025/ ETrendingIndia / शिक्षा सहयोग को नई दिशा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जर्मन विश्वविद्यालय भारत कैंपस खोलने का आमंत्रण दिया है।
यह घोषणा जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ की आधिकारिक भारत यात्रा के दौरान की गई।
इसके अलावा, उच्च शिक्षा सहयोग के लिए एक व्यापक रोडमैप भी प्रस्तुत किया गया।
इससे भारत-जर्मनी शैक्षणिक साझेदारी को मजबूती मिलेगी।


वीज़ा-फ्री ट्रांजिट से बढ़ेंगे जन-संपर्क

प्रधानमंत्री ने भारतीय नागरिकों के लिए वीज़ा-फ्री ट्रांजिट की घोषणा पर आभार जताया।
उन्होंने कहा कि इससे लोगों के बीच संपर्क और मजबूत होगा।
इस कारण, छात्रों और पेशेवरों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।
यह कदम द्विपक्षीय संबंधों के लिए अहम माना जा रहा है।


वैश्विक मुद्दों पर साझा दृष्टिकोण

दोनों नेताओं ने यूक्रेन और गाज़ा जैसे वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की।
उन्होंने माना कि आतंकवाद मानवता के लिए गंभीर खतरा है।
इसलिए, भारत और जर्मनी मिलकर इससे लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
भारत शांतिपूर्ण समाधान का लगातार समर्थन करता रहा है।


वैश्विक संस्थानों में सुधार और G4 सहयोग

PM मोदी ने वैश्विक संस्थानों में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि G4 समूह के माध्यम से भारत और जर्मनी संयुक्त प्रयास कर रहे हैं।
इससे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सुधार को गति मिलेगी।
आज हुए समझौते सहयोग को नई ताकत देंगे।


ऊर्जा, रक्षा और तकनीक में साझेदारी

दोनों देश नवीकरणीय ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं।
यह परियोजनाएं भविष्य के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती हैं।
रक्षा और तकनीक में सहयोग भी लगातार मजबूत हो रहा है।
अंततः, सह-विकास और सह-उत्पादन के नए रास्ते खुलेंगे।


निष्कर्ष

अंत में, PM मोदी ने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्तों को याद किया।
उन्होंने कहा कि अब इन्हें आधुनिक साझेदारी में बदला जा रहा है।
कुल मिलाकर, जर्मन विश्वविद्यालय भारत कैंपस पहल से संबंध और गहरे होंगे।
यह भारत-जर्मनी रिश्तों के लिए नया अध्याय है।


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