Mokshadhara Gangasagar
Mokshadhara Gangasagar
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रायपुर 13 जनवरी 2026/ ETrendingIndia / Mokshadhara Gangasagar is all decked up to welcome pilgrims. / गंगासागर मेला 2026 ,मोक्ष नगरी गंगासागर में मकर संक्रांति के पुण्य स्नान 14 जनवरी की दोपहर 1.19 से शुरु होगा व 15 जनवरी की दोपहर 1.19 पर समापन होगा। अर्थात उक्त समय पुण्य स्नान के पुण्यकाल का है।

देश के विभिन्न भागों से मोक्ष धरा गंगा सागर में आये पुण्यार्थियों के स्वागत में सज धज कर कपिल नगरी तैयार है। राज्य के बिजली व आवासन मामलों के मंत्री अरूप विश्वास ने आज दावा किया कि, अब तक अर्थात खबर के लिखे जाने तक 45 लाख पुण्यार्थी गंगासागर मेले में आ चुके हैं। चारों ओर यहां भक्ति व आध्यात्म की गंगा बह रही है। मोक्ष की कामना के लिए यहां आये पुण्यार्थियों को बस पुण्यकाल का इंतजार है।

राज्य के राज्य के बिजली मंत्री अरूप विश्वास ने आज एक संवाददाता सम्मेलन में मेले की हर व्यवस्था को पुख्ता और चाक चौबंद होने का दावा किया।

गंगा सागर पहुंचते ही तीर्थयात्रियों का जत्था भक्ति भावना के साथ सगरद्वीप की पवित्र धरती पर कदम रखकर अपने आप को निहाल समझ रहा था। वहीं कपिल मुनि मंदिर रंगीन प्रकाश सज्जा में जगमग कर रहा है ।

तमाम नागा साधु समाज के लोगों का एक अलग संसार भी यहां बस गया है। बात करने पर देश के विभिन्न भागों से आये पुण्यार्थियों गंगासागर में ममता सरकार की व्यवस्था को दुरुस्त बताया। जिला प्रशासन ने सड़क हो या बिजली, पेयजल और शौचालय, आज लगभग हर व्यवस्था दुरुस्त बताया।

यहां पुलिस, तटरक्षक, बीएसएसएफ के जवान तैनात दिखें। गंगासागर केन्द्र व राज्य के खुफिया एजेंसियों की निगाह में भी है।

पुलिस के आला अधिकारी से लेकर तमाम स्तर के लगभग 15 हजार पुलिसकर्मियों के कंधे पर यहां की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेवारी होगी । इसके अलावा यहां हेलिकॉप्टरों से मेले पर निगाह रखे जाने की खबर भी है लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी थी। 1250 से अधिक सीसीटीवी कैमरे की जद में यहां पर सब होंगे। जल से लेकर थल मार्ग पर भी सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था है। वाच टावरों से तमाम मेले पर निगाह रखी जाएगी। वैसे तो करीब साढ़े तीन लाख की आबादी वाला सागर द्वीप वर्ष भर सूना पड़ा रहता है,लेकिन मकर संक्रांति आते ही यह दुधिया रोशनी से जगमगा उठता है। इस मौके पर यहां लगने वाले गंगासागर मेले में हर बार की तरह विविध तरह के साधु-सन्यासी पहुंच चुके हैं। रंग-बिरंगे खिलौने और तरह-तरह के सामान से अटी दुकानों की कतार सजने लगी है।

सागर तीर्थ का इतिहास बेहद समृद्ध है। इसमें किंवदंतियों से लेकर तमाम ऐतिहासिक साक्ष्य भी मौजूद है। पर, इन सभी के ऊपर आस्था सबसे भारी है।