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रायपुर, 15 जनवरी 2026/ ETrendingIndia / Chhattisgarh became the first state in the country where lithium mines were auctioned / छत्तीसगढ़ लीथियम खदान नीलामी , छत्तीसगढ़ राज्य प्राकृतिक खनिज संपदा से समृद्ध है। राज्य सरकार द्वारा खनिजों के योजनाबद्ध विकास और वैज्ञानिक दोहन के कारण खनिज राजस्व में लगातार वृद्धि हो रही है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है, जहां लीथियम खदान की नीलामी की गई है। यह जानकारी छत्तीसगढ़ राज्य के सचिव भौमिकी एवं खनिकर्म श्री पी. दयानंद ने दी।

उन्होंने बताया कि राज्य गठन के समय वर्ष 2000 में खनिजों से केवल 429 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता था, जो बढ़कर रजत जयंती वर्ष 2024-25 में 14,592 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में दिसंबर 2025 तक लगभग 10,345 करोड़ रुपये का खनिज राजस्व प्राप्त हो चुका है और वित्तीय वर्ष के अंत तक 17,000 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया है।

श्री दयानंद ने बताया कि देश के कुल खनिज उत्पादन में छत्तीसगढ़ की औसतन 17 प्रतिशत हिस्सेदारी है, वहीं राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में खनिज क्षेत्र का योगदान लगभग 10 प्रतिशत है।

खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) के अंतर्गत अब तक 16,742 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई है। इस राशि से 1 लाख से अधिक विकास कार्यों को स्वीकृति दी गई है, जिनमें से अधिकांश कार्य पूरे हो चुके हैं।

उन्होंने बताया कि डीएमएफ के कार्यों में पारदर्शिता और निगरानी बढ़ाने के लिए राज्य में डीएमएफ पोर्टल 2.0 लागू किया गया है। इसके माध्यम से वित्तीय स्वीकृति, निगरानी और उत्तरदायित्व को मजबूत किया गया है।

सचिव ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन के तहत लीथियम जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की खोज और खनन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी के तहत कोरबा जिले के कटघोरा क्षेत्र में लीथियम और दुर्लभ खनिजों की नीलामी की गई है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

इसके साथ ही सुकमा और बस्तर जिलों में लीथियम, नियोबियम, टेंटेलम और दुर्लभ अर्थ खनिजों की खोज के लिए परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इन प्रयासों से छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।