रायपुर 16 जनवरी 2026/ ETrendingIndia / Project approved for conservation of sand-island nesting birds in the Ganga basin / गंगा बेसिन पक्षी संरक्षण , सरकार ने गंगा बेसिन में रेत-टापू (सैंडबार) पर घोंसला बनाने वाले पक्षियों के प्रजनन आवासों के संरक्षण के लिए एक नई परियोजना को मंजूरी दी है. इन पक्षियों में संकटग्रस्त इंडियन स्किमर भी शामिल है,
यह निर्णय पिछले पखवाड़े नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (National Mission for Clean Ganga-NMCG) की कार्यकारी समिति की 68वीं बैठक में लिया गया. यह अपनी तरह की पहली परियोजना है, जो पक्षी जीव (एविफ़ॉना) संरक्षण पर केंद्रित है और नमामि गंगे मिशन-2 के अंतर्गत डॉल्फ़िन, मछलियों और कछुओं के संरक्षण के लिए चल रहे प्रयासों का पूरक होगी.

इस परियोजना में दीर्घकालिक निगरानी, सामुदायिक सहभागिता तथा प्रमाण- आधारित संरक्षण पर विशेष बल दिया गया है. चंबल और गंगा क्षेत्रों में घोंसला निगरानी का कार्य जारी रहेगा, जिसे बिजनौर, नरौरा और प्रयागराज तक विस्तारित किया जाएगा. प्रशिक्षित स्थानीय समुदाय संवेदनशील रेत- टापुओं की सुरक्षा, मानव हस्तक्षेप को कम करने तथा जागरूकता एवं क्षमता-विकास गतिविधियों के समर्थन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.
