रायपुर 19 जनवरी 2026/ ETrendingIndia / ट्रंप टैरिफ विवाद पर जर्मनी का कड़ा बयान
ट्रंप टैरिफ विवाद को लेकर जर्मनी ने स्पष्ट और सख्त रुख अपनाया है। जर्मन वित्त मंत्री लार्स क्लिंगबाइल ने कहा कि यूरोपीय देशों को अमेरिका के खिलाफ एकजुट प्रतिक्रिया देनी चाहिए। उन्होंने यह भी साफ किया कि जर्मनी कभी ब्लैकमेल स्वीकार नहीं करेगा।
अमेरिका से बातचीत के लिए तैयार, लेकिन दबाव अस्वीकार्य
लार्स क्लिंगबाइल ने कहा कि जर्मनी हमेशा अमेरिका के साथ साझा समाधान निकालने के लिए तैयार है। लेकिन, इस कारण किसी तरह का दबाव या धमकी स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा, “हम हाथ बढ़ाएंगे, मगर ब्लैकमेल नहीं होंगे।”
EU के ‘एंटी-कोएर्शन इंस्ट्रूमेंट’ पर चर्चा तेज
ट्रंप टैरिफ विवाद के बाद यूरोपीय संघ में ‘एंटी-कोएर्शन इंस्ट्रूमेंट’ लागू करने की मांग तेज हो गई है। यह एक विशेष आर्थिक सुरक्षा तंत्र है। इसके अलावा, साइप्रस ने ब्रसेल्स में आपात बैठक भी बुलाई है, जिससे स्थिति की गंभीरता साफ होती है।
ग्रीनलैंड को लेकर बढ़ता तनाव
यह विवाद ग्रीनलैंड को लेकर और गहरा गया है। अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ पहले से ही कई यूरोपीय देशों को प्रभावित कर रहे हैं। हालांकि, यूरोपीय नेताओं का मानना है कि इस तनाव से चीन और रूस को फायदा मिल सकता है।
अंत में, यूरोपीय संघ ने चेतावनी दी है कि टैरिफ से दोनों पक्षों की समृद्धि को नुकसान होगा और सहयोग कमजोर पड़ेगा।
