पॉजिटिव रहने का शब्दकोषपॉजिटिव रहने का शब्दकोष
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ETrendingIndia / पॉजिटिव रहने का शब्दकोष

नंदितेश निलय,मोटिवेशनल स्पीकर, एथिक्स प्रशिक्षक एवं लेखक

( दैनिक भास्कर से साभार)

कई शब्द ऐसे होते हैं, जिन्हें हम नकारात्मक मान लेते हैं। आप भी जीवन के नकारात्मक शब्दों को इन सकारात्मक भावों से बदल सकते हैं-

भ्रम : स्पष्टता खोजने की शुरुआत है।

जलन : खुद को बेहतर बनाने की प्रेरणा

अविश्वासः सही की पहचान कराता है।

टूटना : फिर मजबूत बनने की प्रक्रिया।

हार : अभ्यास का हिस्सा है।

नाराजगी : संवाद की जरूरत बताती है।

संकोच : सोचकर आगे बढ़ने का ज्ञान।

दुविधा : सही निर्णय का रास्ता ।

अशांति : भीतर झांकने का संकेत है।

डर : आगे बढ़ने व जीतने का मौका है।

तनाव : गंभीरता का संकेत भी।

आलोचना : बेहतर बनने का सबक।

असुरक्षा : आत्मविश्वास की सीढ़ी।

निराशा : नई दिशा तलाशने का समय।

गलती : अनुभवी बनने की प्रक्रिया है।

असहजता : जागरूक होने की निशानी।

अकेलापन : खुद से जुड़ने का अवसर ।

दबाव : यह क्षमता को निखारता है।

संघर्ष : भीतर की ताकत को जगाता है।

अनिश्चितता : नए अवसरों का द्वार।

रुकावट : नई राह खोजने का संकेत है।

कमजोरी : यह मजबूती की बुनियाद है।

अंधेरा : यही रोशनी की कद्र सिखाता है।

टकराव : स्पष्टता लाने का अवसर है।

असंतोष : यह बेहतर की चाह।

हताशा : नए रास्ते खोजने का समय।

संशय : गहराई से सोचने की शुरुआत।

उदासी : मन को संभालने का समय।

थकान : रुकना और खुद को समझना।

हर नकारात्मक शब्द में एक सकारात्मक संभावना छिपी है। जरूरत है उसे सही नजर से देखने की। क्योंकि बदलाव सोच से ही शुरू होता है।


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