रायपुर, 23 जनवरी 2026/ ETrendingIndia / National Girl Child Day: Chhattisgarh tops the country in sex ratio at birth / छत्तीसगढ़ लिंगानुपात अव्वल , हर वर्ष 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य बालिकाओं के अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य और सशक्तिकरण के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना है। यह दिन बेटियों के सम्मान, समान अवसर और सुरक्षित भविष्य के लिए सामूहिक संकल्प का प्रतीक है।
भारत सरकार ने कन्या भ्रूण हत्या रोकने और लिंगानुपात सुधारने के लिए गर्भाधान पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (PC PNDT) अधिनियम लागू किया है। इस कानून के तहत अल्ट्रासाउंड सहित किसी भी माध्यम से भ्रूण के लिंग परीक्षण पर पूरी तरह रोक है।
नीति आयोग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार देश में जन्म के समय लिंगानुपात 929 तक पहुंचा है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। राज्य का जन्म के समय लिंगानुपात 974 है, जो पूरे देश में सबसे अधिक है।
छत्तीसगढ़ लिंगानुपात अव्वल , यह सफलता राज्य सरकार की प्रभावी नीतियों, मजबूत स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक जागरूकता का परिणाम है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा PC PNDT अधिनियम के सख्त पालन के लिए अल्ट्रासाउंड केंद्रों की नियमित जांच, पंजीयन और निगरानी की जा रही है। साथ ही जन-जागरूकता अभियान भी लगातार चलाए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार का संकल्प है कि हर बेटी को सुरक्षित, स्वस्थ और सशक्त भविष्य मिले।
