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रायपुर 30 जनवरी 2026/ ETrendingIndia / State-level Flower Festival: The fragrance of Madhya Pradesh flowers is reaching Paris and London: Chief Minister Dr. Yadav / मध्यप्रदेश पुष्प महोत्सव निर्यात , मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पुष्प केवल प्रकृति की नहीं हमारे भावों की भी सुंदर और सशक्त अभिव्यक्ति हैं। जन्म से लेकर जीवन के हर मंगल अवसर तक पुष्प हमारे भावों को अभिव्यक्त करते हैं। वर्तमान में यही पुष्प किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और निर्यात क्षमता को मजबूत बनाने का माध्यम बन रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा गर्व का विषय है कि मध्यप्रदेश, देश में पुष्प उत्पादन में अग्रणी राज्य है। यहाँ के फूलों की सुगंध पेरिस और लंदन तक पहुंच रही है।

मुख्यमंत्री ने भोपाल के गुलाब उद्यान में आयोजित एक दिवसीय राज्य स्तरीय पुष्प महोत्सव की अवधि तीन दिन करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और किसानों, नर्सरी संचालकों तथा पुष्प प्रेमियों से चर्चा की। उन्होंने पुष्प प्रदर्शनी में विभिन्न वर्गों के लिए हुई विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार तथा विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किए।

इस अवसर पर प्रदेश में उद्यानिकी गतिविधियों पर केन्द्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी हुआ। कार्यक्रम में किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना और उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य स्तरीय पुष्प महोत्सव के माध्यम से किसानों को व्यवसायिक स्तर पर फूलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस आयोजन में पुष्प उत्पादक किसान, नर्सरी संचालक और खरीदार तीनों एक स्थान पर जुटे हैं। फूलों के माध्यम से किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं। प्रदेश में फूलों की खेती का रकबा निरंतर बढ़ रहा है। प्रदेश के 40 हजार किसान पुष्प उत्पादन से जुड़े हैं और 45 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में फूलों का उत्पादन हो रहा है। हर साल लाखों टन फूल गुजरात, महाराष्ट्र सहित विदेशों में भी भेजे जा रहें है। राज्य सरकार किसानों को पुष्प उत्पादन के लिए तकनीकी प्रशिक्षण और अनुदान में सहायता प्रदान कर रही है।

मध्यप्रदेश, देश का दूसरा सर्वाधिक पुष्प उत्पादक राज्य है। वर्ष 2021-22 तक राज्य में फूलों की खेती का रकबा 37 हजार हैक्टेयर था, जो अब बढ़कर 44 हजार हैक्टेयर हो चुका है। प्रदेश का पुष्प उत्पादन 86 लाख टन हो गया है।