रायपुर 2 फरवरी 2026/ ETrendingIndia / Comprehensive initiatives for river rejuvenation and pollution control./ नदी पुनरुद्धार प्रदूषण नियंत्रण , देश के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा नदियों की स्वच्छता और संरक्षण के लिए लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
नमामि गंगे कार्यक्रम 218 सीवरेज परियोजनाएं स्वीकृत
नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदूषित नदी क्षेत्रों के सुधार हेतु 35,698 करोड़ रुपये की लागत से कुल 218 सीवरेज अवसंरचना परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से 6,610 एमएलडी क्षमता के सीवेज शोधन संयंत्र (एसटीपी) स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें से 138 एसटीपी (3,977 एमएलडी क्षमता) पूर्ण होकर चालू हो चुके हैं।
गंगा की जल गुणवत्ता में सुधार
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वर्ष 2018 और 2025 की रिपोर्ट के अनुसार गंगा नदी के मुख्य प्रवाह की जल गुणवत्ता में सुधार दर्ज किया गया है।
वर्ष 2025 में उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार गंगा नदी के सभी स्थानों पर पीएच और घुलनशील ऑक्सीजन स्नान मानकों के अनुरूप पाए गए हैं।
उत्तराखंड, झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल में गंगा का अधिकांश प्रवाह बीओडी मानकों पर खरा उतरा है, जबकि उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में आंशिक सुधार की आवश्यकता बनी हुई है।
जैव निगरानी से मिले सकारात्मक संकेत
वर्ष 2024-25 के दौरान गंगा और उसकी सहायक नदियों के 50 तथा यमुना और उसकी सहायक नदियों के 26 स्थानों पर की गई जैव निगरानी में जैविक जल गुणवत्ता ‘अच्छी’ से ‘मध्यम’ श्रेणी की पाई गई। बेंथिक मैक्रो-इनवर्टेब्रेट प्रजातियों की उपस्थिति से यह स्पष्ट होता है कि नदियों में जलीय जीवन को बनाए रखने की क्षमता बनी हुई है।
राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना
राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना (एनआरसीपी) के तहत तेलंगाना में मूसी नदी के लिए हैदराबाद में 593 एमएलडी क्षमता के चार एसटीपी तथा गोदावरी नदी के लिए भद्राचलम, मंचेरियल और रामागुंडम में 28.46 एमएलडी क्षमता के पांच एसटीपी स्थापित किए गए हैं।
महानदी सहित गोदावरी, कृष्णा, नर्मदा, कावेरी और पेरियार नदी
इसके साथ ही गोदावरी, कृष्णा, नर्मदा, कावेरी, महानदी और पेरियार नदी बेसिनों के लिए स्थिति आकलन एवं प्रबंधन योजना (सीएएमपी) पर कार्य किया जा रहा है।
उपचारित जल का पुनः उपयोग
सरकार ने उपचारित जल के सुरक्षित पुनः उपयोग के लिए राष्ट्रीय कार्यढांचा विकसित किया है और राज्यों को अपनी नीतियां इसके अनुरूप बनाने के निर्देश दिए हैं।
नमामि गंगे और एनआरसीपी के तहत स्वच्छता अभियान, स्कूल कार्यक्रम, सामुदायिक सहभागिता और सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। यह जानकारी जल शक्ति राज्यमंत्री श्री राज भूषण चौधरी ने राज्यसभा में लिखित उत्तर के माध्यम से दी।
