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रायपुर,12 फरवरी 2026/ ETrendingIndia / पाक रक्षा मंत्री स्वीकारोक्ति , पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने स्वीकार किया है कि अफगानिस्तान में सोवियत संघ और बाद में अमेरिका के खिलाफ लड़ी गई जंग के दौरान पाकिस्तान ने ‘जिहादÓ का समर्थन किया था। एक इंटरव्यू में दिए गए उनके बयान के बाद सियासी और कूटनीतिक हलकों में हलचल मच गई है।

ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान ने यह सब अपने स्तर पर नहीं, बल्कि अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ मिलकर किया था। उन्होंने माना कि उस दौर में लिए गए फैसलों का असर आज भी पाकिस्तान झेल रहा है। उनके मुताबिक, हमने करीब तीन दशकों तक यह गंदा काम अमेरिका और पश्चिम के लिए किया।

रक्षा मंत्री ने कहा कि अगर पाकिस्तान उस समय सोवियत संघ के खिलाफ या बाद में अमेरिका के साथ खड़ा न होता तो उसका रिकॉर्ड बेदाग़ होता। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान को उस नीति की भारी कीमत चुकानी पड़ी है, जिसमें आतंकवाद, उग्रवाद और आंतरिक अस्थिरता शामिल है।

गौरतलब है कि 1980 के दशक में सोवियत-अफगान युद्ध के दौरान पाकिस्तान, अमेरिका और सऊदी अरब के साथ मिलकर अफगान मुजाहिदीन का समर्थन कर रहा था। 9/11 के बाद अमेरिका ने जब ‘वार ऑन टेररÓ शुरू किया, तब भी पाकिस्तान उसका प्रमुख सहयोगी बना। हालांकि, इस दौरान पाकिस्तान पर दोहरी नीति अपनाने और आतंकी संगठनों को पनाह देने के आरोप भी लगते रहे।

ख्वाजा आसिफ का यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान आर्थिक संकट, राजनीतिक अस्थिरता और सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि यह स्वीकारोक्ति पाकिस्तान की पिछली सुरक्षा और विदेश नीति पर सवाल खड़े करती है।