रायपुर 12 फरवरी 2026/ ETrendingIndia / केएसवीवाई योजना लाभ , संस्कृति मंत्रालय देश में कला और संस्कृति को प्रोत्साहन देने के लिए कला संस्कृति विकास योजना (केएसवीवाई) चला रहा है। यह एक अम्ब्रेला योजना है, जिसके अंतर्गत कई उप-योजनाएं शामिल हैं। इसके माध्यम से योग्य सांस्कृतिक संगठनों, कलाकारों तथा अनुसूचित जाति के कलाकारों को वित्तीय सहायता दी जाती है।
केंद्रीय संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राज्यसभा में बताया कि यह केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, इसलिए इसमें राज्यवार धन आवंटन का प्रावधान नहीं है। वित्तीय वर्षों 2022-23 में 214.32 करोड़ रुपये, 2023-24 में 218.65 करोड़ रुपये और 2024-25 में 207.24 करोड़ रुपये आवंटित किए गए।
गुरु-शिष्य परंपरा को प्रोत्साहन
रिपर्टरी अनुदान योजना के तहत थिएटर, संगीत और नृत्य समूहों को सहायता दी जाती है। गुरु को 15,000 रुपये प्रतिमाह तथा शिष्यों को 2,000 से 10,000 रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं।
सांस्कृतिक संगठनों और समारोहों को अनुदान
राष्ट्रीय पहचान वाले संगठनों को 1 करोड़ रुपये तक, विशेष मामलों में 5 करोड़ रुपये तक सहायता मिलती है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए 5 लाख से 20 लाख रुपये तक अनुदान दिया जाता है।
हिमालय और बौद्ध संस्कृति संरक्षण
हिमालयी राज्यों के संगठनों को 10 से 30 लाख रुपये तथा बौद्ध/तिब्बती संस्थाओं को 30 लाख से 1 करोड़ रुपये तक सहायता दी जाती है।
टैगोर सांस्कृतिक परिसर और आधारभूत ढांचा
ऑडिटोरियम और सांस्कृतिक भवन निर्माण के लिए अधिकतम 15 करोड़ रुपये तक सहायता दी जाती है।
स्कॉलरशिप, फेलोशिप और वरिष्ठ कलाकार सहायता
युवा कलाकारों को 5,000 रुपये प्रतिमाह स्कॉलरशिप और शोधकर्ताओं को 10,000 से 80,000 रुपये प्रतिमाह फेलोशिप दी जाती है। 60 वर्ष से अधिक आयु के जरूरतमंद कलाकारों को 6,000 रुपये प्रतिमाह सहायता मिलती है।
सेवा भोज योजना
धार्मिक संस्थाओं द्वारा दिए जाने वाले मुफ्त भोजन पर चुकाए गए सीजीएसटी और आईजीएसटी का केंद्रीय हिस्सा सरकार वापस करती है।
