Share This Article रायपुर ,13 फरवरी 2026/ ETrendingIndia / राफेल 114 विमान खरीद , भारतीय वायुसेना और नौसेना की ताकत में ऐतिहासिक इजाफा होने जा रहा है। रक्षा अधिग्रहण परिषद (ष्ठ्रष्ट) ने अपनी अहम बैठक में 114 राफेल लड़ाकू विमानों और 6 पी-8आई पोसीडॉन समुद्री निगरानी विमानों की खरीद को हरी झंडी दे दी है। इसे भारत की अब तक की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण रक्षा खरीद योजनाओं में से एक माना जा रहा है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब सीमा पर चीन और पाकिस्तान की ओर से चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं। दुश्मन के लिए काल है 4.5 जनरेशन का राफेल चीन और पाकिस्तान की बढ़ती सैन्य चुनौतियों को देखते हुए भारतीय वायुसेना को आधुनिक, भरोसेमंद और तुरंत प्रतिक्रिया देने वाले लड़ाकू विमानों की सख्त जरूरत थी। राफेल 4.5 जनरेशन का अत्याधुनिक लड़ाकू विमान है। वायुसेना के लिए यह विमान नया नहीं है, बल्कि पहले ही ‘ट्रायल-एंड-टेस्टेडÓ साबित हो चुका है। ‘ऑपरेशन सिंदूरÓ में राफेल ने अपनी जबरदस्त मारक क्षमता का प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया था, यही वजह है कि वायुसेना ने इसे अपनी प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर रखा है। हवा से हवा और जमीन पर वार करने में सक्षम इन 114 विमानों की तकनीक दुनिया में सबसे बेहतरीन मानी जाती है। इनमें मॉडर्न ्रश्वस््र रडार सिस्टम, लंबी दूरी की मीटियॉर मिसाइल और स्कैल्प स्टील्थ क्रूज मिसाइल जैसी खूबियां शामिल हैं। साथ ही इसका उन्नत इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सूट इसे हवा से हवा और हवा से जमीन, दोनों तरह के मिशनों में बेहद घातक बनाता है। इन तकनीकों के दम पर भारतीय वायुसेना दुश्मन के इलाके में जाए बिना ही उसे भारी नुकसान पहुंचाने की क्षमता रखती है। मैक्रों के दौरे से पहले बड़ा फैसला डीएसी की मंजूरी के बाद अब यह प्रस्ताव अंतिम स्वीकृति के लिए कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (ष्टष्टस्) के पास भेजा जाएगा। इस सौदे से भारतीय वायुसेना को 6 से 7 नए स्क्वाड्रन मिलेंगे। वर्तमान में वायुसेना के पास लगभग 30 स्क्वाड्रन हैं, जबकि जरूरत 42 स्क्वाड्रन की है। यह फैसला इसलिए भी अहम है क्योंकि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों 17 फरवरी को भारत की आधिकारिक यात्रा पर आ रहे हैं। माना जा रहा है कि उनकी यात्रा के दौरान इस रक्षा सौदे पर अहम चर्चा होगी। समंदर में भी बढ़ेगी भारत की ताकत आसमान के साथ-साथ समंदर में भी भारत की निगरानी क्षमता मजबूत होगी। डीएसी ने नौसेना के लिए 6 नए पी-8आई पोसीडॉन विमानों की खरीद को भी मंजूरी दी है। ये विमान समुद्र में छिपी दुश्मन की पनडुब्बियों को खोजने, लंबी दूरी की समुद्री गश्त और मल्टी-मिशन ऑपरेशन में बेहद प्रभावी माने जाते हैं। भारतीय नौसेना पहले से ही ऐसे 12 विमानों का संचालन कर रही है, जिनके 40,000 से अधिक दुर्घटना-मुक्त उड़ान घंटे इनकी विश्वसनीयता का प्रमाण हैं। एलएसी पर चीन की तैनाती और पाकिस्तान की गतिविधियों के बीच यह फैसला भारत की सुरक्षा को अभेद्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। Share This Article Post navigation गृहमंत्री अमित शाह ने रायपुर में नक्सलवाद पर ली उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक पांच साल में OBC वर्ग से 245 IAS , 255 IPS और 231 IFS बने, सरकार ने संसद में दी जानकारी