रायपुर 13 फरवरी 2026/ ETrendingIndia / एआई हस्तशिल्प विकास , सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में इस बार पारंपरिक कला के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। देशभर से आए कारीगर अब अपने उत्पादों के डिजाइन, रंग संयोजन और पैटर्न तैयार करने में एआई की मदद ले रहे हैं। इससे उनके काम में नयापन आया है और बाजार भी बढ़ा है।
कई बुनकर और हस्तशिल्प कलाकार एआई टूल्स के जरिए ग्राहकों की पसंद के अनुसार डिजाइन तैयार कर रहे हैं। पहले जहां एक डिजाइन बनाने में काफी समय लगता था, वहीं अब कम समय में नए-नए नमूने तैयार हो रहे हैं। इससे बिक्री और आय में भी वृद्धि हुई है।

गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों के कारीगरों ने बताया कि एआई से उन्हें वैश्विक बाजार तक पहुंचने में मदद मिल रही है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से उनके उत्पाद विदेशों तक भेजे जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि एआई पारंपरिक कला को खत्म नहीं कर रहा, बल्कि उसे नई पहचान और विस्तार दे रहा है। सरकार भी ‘डिजिटल इंडिया’ और कौशल विकास योजनाओं के तहत कारीगरों को नई तकनीक से जोड़ने पर जोर दे रही है।
