India at risk of AI-driven job shock
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रायपुर 20 फरवरी 2026/ ETrendingIndia / IMF प्रमुख की बड़ी चेतावनी

International Monetary Fund (IMF) की प्रमुख Kristalina Georgieva ने भारत में AI नौकरी संकट को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस श्रम बाजार पर “सुनामी” जैसा प्रभाव डाल सकता है।

उन्होंने बताया कि हर साल भारत में लाखों युवा workforce में शामिल होते हैं। इसलिए AI का असर यहां अधिक व्यापक हो सकता है।


वैश्विक स्तर पर 40% नौकरियां प्रभावित

IMF के अनुसार, तेजी से बढ़ती AI तकनीक वैश्विक स्तर पर लगभग 40% नौकरियों को प्रभावित कर सकती है। जबकि विकसित देशों में यह प्रभाव 60% तक पहुंच सकता है।

हालांकि भारत में यह प्रभाव लगभग 26% रहने का अनुमान है। फिर भी भारत में AI नौकरी संकट इसलिए बड़ा मुद्दा है क्योंकि यहां workforce का आकार बहुत बड़ा है।


एंट्री-लेवल नौकरियां सबसे ज्यादा खतरे में

Artificial Intelligence के बढ़ते उपयोग से सबसे अधिक खतरा एंट्री-लेवल और रूटीन नौकरियों को है। ये काम आसानी से ऑटोमेशन से बदले जा सकते हैं।

इस कारण नए ग्रेजुएट्स के लिए चुनौती बढ़ सकती है। इसलिए विशेषज्ञों का कहना है कि युवाओं को नई स्किल्स सीखनी होंगी। साथ ही उन्हें बदलती नौकरी आवश्यकताओं के अनुसार खुद को ढालना होगा।


AI समिट में उठे बड़े सवाल

यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब भारत में AI समिट 2026 आयोजित हो रहा है। इस कार्यक्रम में वैश्विक विशेषज्ञ और निवेशक शामिल हुए हैं।

Vinod Khosla जैसे विशेषज्ञों ने भी AI के तेजी से बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि तकनीक बदलाव की गति बहुत तेज है।


नीति और तैयारी की जरूरत

IMF प्रमुख ने कहा कि सरकारों को जल्द नीति ढांचा तैयार करना होगा। क्योंकि वर्तमान में कई देश इस बदलाव के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं।

हालांकि उन्होंने Narendra Modi के AI को लोकतांत्रिक बनाने के प्रयासों की सराहना की। उनके अनुसार, भारत ने कर और श्रम सुधार जैसे कदम उठाए हैं।

अंत में, यह स्पष्ट है कि भारत में AI नौकरी संकट आने वाले समय में बड़ा मुद्दा बन सकता है। इसलिए अभी से तैयारी करना बेहद जरूरी है।