नई दिल्ली 27 फरवरी 2026/ ETrendingIndia /Pusa Kisan Mela 2026: Innovative farmer and agriculture doctorate recipient Dr Yogendra Kaushik said medical facilities should be increased at the fair./ पूसा किसान मेला 2026 , इनोवेटिव किसान एवं कृषि में डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित डॉ योगेन्द्र कौशिक ने कहा कि पूसा किसान मेला- 2026 में जहां देश भर में करीब एक लाख किसानों केआने की संभावना है, वहां आकस्मिक चिकित्सा की दृष्टि से चिकित्सा की सुविधा बढ़ाई जानी चाहिए.
उल्लेखनीय है कि नई दिल्ली के आईसीएआर पूसा परिसर में 3 दिवसीय राष्ट्रीय किसान मेला का आयोजन किया जा रहा है। इसका शुभारंभ देश के केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने 25 फरवरी को किया था.
इस मेले में भाग लेने के लिए मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के इनोवेटिव किसान तथा कृषि कर्मण आचार्य, अध्येता सम्मान से सम्मानित तथा राज्य स्तरीय सर्वोत्तम कृषक पुरस्कार से सम्मानित डॉ योगेंद्र कौशिक भी पहुंचे। डॉ कौशिक को धारवाड़ विश्वविद्यालय ने उनके उत्कृष्ट कृषि कार्यों के लिए डॉक्ट्रेट की उपाधि से सम्मानित भी किया है.
मेला परिसर में डॉ योगेंद्र यादव की दूसरे दिन तबीयत खराब होने पर जब उन्होंने यहां पर चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली तो मालूम पड़ा कि यहां चिकित्सा के नाम पर कुछ मरहम पट्टी जैसी बेसिक सुविधाएं ही उपलब्ध हैं। उन्होंने इस अवसर पर मंच से आयोजकों से आग्रह किया कि ऐसे बड़े समारोह में चिकित्सक और आकस्मिक चिकित्सा की सुविधा भी होनी चाहिए, जिसे आयोजकों ने स्वीकार किया और कहा कि भविष्य में इस दृष्टि से सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा.
उल्लेखनीय है कि डॉक्टर योगेंद्र यादव ने कम बीजों से अधिक गेहूं की फसल लिकर रिकॉर्ड बनाया था । उनका कहना है, फसल के उत्पादन और उत्पादकता में बीज बहुत मायने रखता है और जरूरी नहीं अधिक बीज डालने से फसल अधिक हो । बीज अच्छी होनी चाहिए, स्वस्थ हो उनमें कल्ले अधिक निकलने चाहिए.
मेला परिसर में ऐसा ही एक वाकया और हुआ जब करीब एक 55 साल के व्यक्ति को दिल का दौरा पड़ा और वे लगभग बेहोश होकर गिर पड़े। परिवार वालों और आसपास के लोगों ने उन्हें तुरंत सीपीआर दिया और उन्हें होश आया.
