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रायपुर 28 फरवरी 2026/ ETrendingIndia / बदलाव की मिसाल बना छत्तीसगढ़ विधानसभा का दिन रायपुर में आज का दिन प्रतीकात्मक रूप से बेहद खास रहा। आत्मसमर्पण नक्सली विधानसभा कार्यवाही के तहत 120 पूर्व नक्सली दर्शक दीर्घा में मौजूद थे। वे सिर्फ आगंतुक नहीं थे, बल्कि बदलाव की जीवंत कहानी थे।

पहले ये लोग माओवादी विचारधारा से जुड़े थे। लेकिन अब इन्होंने हथियार छोड़कर मुख्यधारा का रास्ता चुना है। इस कारण यह दिन राज्य की राजनीति में ऐतिहासिक माना जा रहा है।


झीरम हमले का मास्टरमाइंड भी रहा शामिल

इन 120 आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों में झीरम हमले का मास्टरमाइंड भी शामिल था। पहले ये लोग लोकतांत्रिक व्यवस्था के विरोध में थे। लेकिन अब वही लोग विधानसभा की कार्यवाही को करीब से देख रहे थे।

यह बदलाव पुनर्वास नीति का परिणाम है। सरकार की नीति के तहत उन्हें समाज में दोबारा स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है।


पुनर्वास नीति से लोकतंत्र की ओर बढ़ते कदम

छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विशेष पुनर्वास योजना लागू की है। इसके तहत शिक्षा, रोजगार और सुरक्षा की सुविधा दी जा रही है। उदाहरण के लिए, कई पूर्व नक्सलियों को स्वरोजगार से जोड़ा गया है।

इसके अलावा उन्हें लोकतांत्रिक मूल्यों से परिचित कराया जा रहा है। विधानसभा की कार्यवाही दिखाना भी इसी पहल का हिस्सा है।


लोकतंत्र में विश्वास का संदेश

कुल मिलाकर, आत्मसमर्पण नक्सली विधानसभा कार्यवाही एक मजबूत संदेश देती है। पहले जो लोग व्यवस्था के खिलाफ थे, वे अब लोकतंत्र को समझ रहे हैं।