Book donation campaign Book donation campaign
Share This Article

रायपुर, 19 मार्च 2026/ ETrendingIndia / Bastar: Book donation campaign begins / बस्तर पुस्तक दान अभियान , बस्तर जिले में शिक्षा और ज्ञान की नई अलख जगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा एक अत्यंत सराहनीय और अनूठी पहल की शुरुआत की गई है। कलेक्टर श्री आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में पूरे जिले में पुस्तक दान अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया है।

इसका मुख्य लक्ष्य घरों की अलमारियों में रखी पुरानी और उपयोगी किताबों को उन जरूरतमंद हाथों तक पहुँचाना है जो संसाधनों के अभाव में ज्ञान की मुख्यधारा से दूर रह जाते हैं।

इस पुनीत कार्य के लिए जिला प्रशासन ने समस्त आम जनता, जनप्रतिनिधियों, शासकीय अधिकारियों और विद्यार्थियों से एक भावुक अपील की है कि वे अपनी पुरानी ज्ञानवर्धक पुस्तकें, महापुरुषों की प्रेरणादायक जीवनियाँ और सामान्य ज्ञान की किताबें दान कर किसी विद्यार्थी के जीवन की दिशा बदलने में सहभागी बनें।

प्रशासन का मानना है कि यह अभियान न केवल पुरानी किताबों को नया जीवन देगा, बल्कि समाज में दान की एक नई और बौद्धिक संस्कृति को भी विकसित करेगा।

  इस महाभियान को सुव्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए प्रशासन द्वारा एक विशेष पुस्तक दान रथ तैयार किया गया है, जिसे कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने कलेक्ट्रेट परिसर में हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

अभियान के पहले ही दिन उत्साह का माहौल देखा गया और शहर के पावर हाउस चैक, डोंगरीपारा, कोहकापाल, धरमपुरा और नया बस स्टैंड जैसे प्रमुख क्षेत्रों से होते हुए सिटी कोतवाली तक लोगों ने बढ़-चढ़कर अपनी पुस्तकें दान कीं।

इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री बीआर बघेल और आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त श्री गणेश राम सोरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे, जिन्होंने खुद भी इस मुहिम में योगदान दिया।

     सिलसिलेवार तरीके से यह अभियान अगले सात दिनों तक बस्तर के कोने-कोने में पहुँचेगा, जिसके तहत 20 मार्च को तोकापाल के एर्राकोट और करंजी क्षेत्रों में, 21 मार्च को बास्तानार और किलेपाल में तथा 22 मार्च को दरभा और तीरथगढ़ के अंचलों में यह रथ भ्रमण करेगा। इसी क्रम में 23 मार्च को बकावण्ड, 24 मार्च को लोहण्डीगुड़ा और अंतिम दिन 25 मार्च को बस्तर विकासखंड के भानपुरी और केशरपाल जैसे क्षेत्रों में सघन रूप से पुस्तकें संग्रहित की जाएंगी। 

एकत्रित की गई इन बहुमूल्य पुस्तकों को जिला ग्रंथालय एवं विकासखंड स्तर के पुस्तकालयों में पूरी संजीदगी के साथ संरक्षित किया जाएगा, ताकि वे जिज्ञासु पाठकों और जरूरतमंद विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने के काम आ सकें।


Share This Article