रायपुर, 4 अप्रैल 2026 / ETrendingIndia / Tomato cultivation changed fate: Lekhram Kewat becomes an example of self-reliance / टमाटर खेती से आत्मनिर्भरता , छत्तीसगढ़ के बिलाईगढ़ विकासखंड के ग्राम मिरचिद में खेती की एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जहां टमाटर की लालिमा ने किसानों की किस्मत बदल दी है। महानदी तट पर बसे इस गांव ने पारंपरिक खेती से आगे बढ़ते हुए सब्जी उत्पादन में नई पहचान बनाई है।
आज यहां 50 एकड़ से अधिक क्षेत्र में टमाटर की खेती हो रही है, जिससे मिरचिद एक उभरता हुआ सब्जी हब बन गया है।
इसी गांव के प्रगतिशील किसान लेखराम केवट ने अपनी मेहनत और लगन से सफलता की नई इबारत लिखी है। पिछले 15 वर्षों से वे उन्नत तकनीकों से टमाटर की खेती कर रहे हैं। वर्तमान में लगभग ढाई एकड़ भूमि में खेती कर वे सालाना करीब 6 लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं।
लेखराम मुख्य रूप से “लक्ष्मी वैरायटी” के टमाटर उगाते हैं, जिसकी बाजार में अच्छी मांग है। उनकी उपज स्थानीय बाजारों के साथ रायगढ़ और शिवरीनारायण की मंडियों तक पहुंचती है। परिवार के सहयोग से खेती करने के कारण लागत कम होती है और रोजगार भी सृजित होता है।
लेखराम की यह सफलता न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही है, बल्कि अन्य किसानों को भी आधुनिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है।
