Aniruddhacharya
Aniruddhacharya
Share This Article

रायपुर, 4 अप्रैल 2026 / ETrendingIndia / हाईकोर्ट ने पर्सनालिटी राइट्स को दी सुरक्षा

दिल्ली हाईकोर्ट ने अनिरुद्धाचार्य पर्सनालिटी राइट्स केस में बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने उनके नाम, आवाज और छवि के अनधिकृत उपयोग पर रोक लगा दी।
इसलिए, अब बिना अनुमति उनके नाम से कोई भी डिजिटल कंटेंट बनाना अवैध माना जाएगा।


मीम्स और डीपफेक हटाने के आदेश

कोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिया कि वे आपत्तिजनक कंटेंट हटाएं। इसमें मीम्स, वीडियो और एआई आधारित डीपफेक शामिल हैं।
इस प्रकार, अनिरुद्धाचार्य पर्सनालिटी राइट्स केस डिजिटल दुरुपयोग पर सख्ती का संकेत देता है।


कोर्ट ने बताया ‘सिर्फ मजाक नहीं’

अदालत ने कहा कि यह मामला केवल पैरोडी नहीं है। बल्कि, यह छवि को नुकसान पहुंचाने और अधिकारों के उल्लंघन का मामला है।
इस कारण, इससे उनकी प्रतिष्ठा पर गंभीर असर पड़ सकता है।


आर्थिक लाभ के लिए हो रहा था दुरुपयोग

याचिका में कहा गया कि कुछ लोग उनकी लोकप्रियता का गलत फायदा उठा रहे थे।
वे फर्जी विज्ञापन और भ्रामक संदेशों के जरिए आर्थिक लाभ कमा रहे थे। परिणामस्वरूप, उनकी विश्वसनीयता पर असर पड़ रहा था।


अन्य हस्तियों को भी मिल चुका है संरक्षण

इससे पहले कई बड़े सेलिब्रिटी भी ऐसे मामलों में कोर्ट पहुंचे हैं।
अंत में, कहा जा सकता है कि अनिरुद्धाचार्य पर्सनालिटी राइट्स केस डिजिटल युग में पहचान की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण फैसला है।