Share This Article रायपुर 8 अप्रैल 2026/ ETrendingIndia / Krishi Manthan Workshop, Jabalpur: Madhya Pradesh became a leading state of agricultural development, says Chief Minister / मध्यप्रदेश कृषि विकास , मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में कृषि और कृषि से जुड़े व्यवसायों को सह अस्तित्व की दृष्टि से बड़े सम्मान के साथ देखा गया है। समृद्ध किसान-समृद्ध मध्यप्रदेश की थीम के साथ पूरे वर्ष प्रदेश में कृषि उत्सव मनाया जा रहा है। प्रदेश में किसानों को आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक खेती और बेहतर मार्केट लिकेंजेस से भी सशक्त बना रहे हैं। कृषि मंथन कार्यशाला जबलपुर किसानों के अनुभव, विज्ञान के नवाचार, सरकार की नीतियों और बाजार की संभावनाओं को एक सूत्र में पिरोने का प्रयास है। मुख्यमंत्री ने उन्नत बीज प्रसंस्करण, औषधीय पौध प्रजाति, खाद्य प्रसंस्करण एवं उन्नत कृषि फसलों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। विकास कार्यों की सौगात मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में 23 करोड़ 21 लाख की लागत के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण कर विकास की सौगात दी। इनमें प्रमुख रूप से 13 करोड़ रूपये की लागत से बने जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के नवीन प्रशासनिक भवन, 1.11 करोड़ रूपये लागत के बोहानी गन्ना अनुसंधान केन्द्र के प्रशासनिक भवन, 1 करोड़ रूपये लागत के बालाघाट जिले के कृषि महाविद्यालय वारासिवनी के कौशल विकास केन्द्र,जबलपुर में 1.26 करोड़ रूपये से बने स्वचालित तरल जैव उर्वरक उत्पादन केन्द्र का लोकार्पण किया। उन्होंने किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग की 4 करोड़ 92 लाख रूपये से निर्मित 4 इकाइयों का भी लोकार्पण किया गया. कृषि स्टार्ट-अप्स मुख्यमंत्री ने भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित 10 स्टार्ट-अप्स को 10 करोड़ रूपये से अधिक के स्वीकृति आदेश का वितरण किया। दलहन उत्पादन में मध्यप्रदेश शीर्ष स्थान पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश दलहन उत्पादन में शीर्ष स्थान बना है, यह हमारे लिए गर्व का विषय है। अब हम तिलहन और अन्न सहित हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। प्रदेश के किसान तीसरी फसल भी ले रहे हैं। कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए परंपरागत बीजों के स्थान पर उन्नत किस्म के बीज किसानों को उपलब्ध कराये जाएंगे। इससे हमारी कृषि उत्पादन क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी। राज्य सरकार पशुपालन, उद्यानिकी, खाद्य प्रसंस्करण, आधुनिक यंत्र सभी को साथ जोड़कर किसानों की आय दोगुना करने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। सर्वाधिक प्राकृतिक खेती करने वाला राज्य मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक खेती का रकबा बढ़ा है। मध्यप्रदेश, देश में सर्वाधिक प्राकृतिक खेती करने वाला राज्य है। खेती और पशुपालन एक सिक्के के दो पहलु हैं। अभी प्रदेश में 9 प्रतिशत दूध का उत्पादन होता है, इसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। बच्चों को नि:शुल्क दूध बांटने का निर्णय शासकीय स्कूलों में पहली कक्षा से 8वीं तक के बच्चों को नि:शुल्क दूध के पैकेट बांटने का निर्णय लिया है। प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स की स्थापना को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे वैज्ञानिक नई किस्मों के विकास में पोषकता पर विशेष जोर दे रहे हैं। प्रदेश में गेहूं उत्पादन का रिकॉर्ड बना है। मध्यप्रदेश ने गेहूँ उत्पादन में सभी राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। प्रदेश में गेहूं का उपार्जन 9 अप्रैल से शुरू हो रहा है। किसानों को 2625 रुपए प्रति क्विंटल का भाव दिया जा रहा है। इसे 2700 रूपए तक पहुंचाने के लिए हम संकल्पित है। प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक किसानों को भी भावांतर योजना का लाभ मिला है। अब सरसों की फसल पर भी भावांतर का लाभ किसानों को दिया जाएगा। मध्यप्रदेश नदियों का मायका है। माँ नर्मदा प्रदेश के किसानों के लिए जीवन रेखा है, जो मध्यप्रदेश के साथ गुजरात और राजस्थान को भी जल देती है। माँ नर्मदा खेती से लेकर उद्योग की जरूरतों और हर कंठ की प्यास बुझाती है। Share This Article Post navigation मध्यप्रदेश कैबिनेट का निर्णय :वित्तीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (FTRI) बनेगा, चना एवं मसूर उपार्जन के लिए 3,174 करोड़ ,जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए 16,720 करोड़ , उज्जैन में शासकीय हवाई पट्टी के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण हेतु 590 करोड़ की स्वीकृति मध्यप्रदेश : पिछले दो सालों में रेल सेवाओं में हुआ अभूतपूर्व विस्तार, रेलवे ट्रैक की लंबाई बढ़कर हुई 5,200 किमी हुई, बना देश का चौथा सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क