रायपुर 12 अप्रैल 2026/ ETrendingIndia / मधुमक्खी पालन योजना छत्तीसगढ़: किसानों के लिए नया अवसर
छत्तीसगढ़ में मधुमक्खी पालन योजना छत्तीसगढ़ के तहत किसानों को नई आय के अवसर मिल रहे हैं। राज्य सरकार इस योजना के जरिए किसानों को वैकल्पिक रोजगार से जोड़ रही है। इसलिए, कम लागत में बेहतर कमाई का रास्ता खुल रहा है।
अनुदान से मिल रहा आर्थिक सहारा
इस योजना के अंतर्गत किसानों को जरूरी संसाधनों पर अनुदान दिया जा रहा है। जैसे मधुमक्खी पेटी के लिए 1600 रुपये, छत्ता के लिए 800 रुपये तथा मधु निष्कासन यंत्र के लिए 8000 रुपये की सहायता मिल रही है। इसके अलावा, जशपुर जिले में 20 किसानों को इसका लाभ दिया जा रहा है। इस कारण, किसानों की लागत कम हो रही है।
फसल उत्पादन में भी हो रहा इजाफा
मधुमक्खियां केवल शहद उत्पादन ही नहीं करतीं, बल्कि परागण के जरिए फसल उत्पादन भी बढ़ाती हैं। जैसे सरसों, आम, लीची और सब्जियों की पैदावार में वृद्धि होती है। इसलिए, खेती अधिक लाभकारी बन रही है।
रोजगार और स्वरोजगार का बेहतर विकल्प
यह योजना ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार का अच्छा साधन बन रही है। पहले प्रशिक्षण लिया जाता है, फिर आसानी से व्यवसाय शुरू किया जा सकता है। साथ ही, शहद और अन्य उत्पादों की बाजार में अच्छी मांग है। इस प्रकार, स्थायी आय के स्रोत बन रहे हैं।
पर्यावरण संरक्षण में योगदान
मधुमक्खियां जैव विविधता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती हैं। लेकिन, कीटनाशकों के अधिक उपयोग से इनकी संख्या घट रही है। इसलिए, मधुमक्खी-अनुकूल खेती को बढ़ावा देना जरूरी है। इससे पर्यावरण संतुलन भी बना रहेगा।
