15 warships deployed
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रायपुर,14 अप्रैल 2026/ ETrendingIndia / for blockade in Middle East: Waiting for Trump order / वेदांता प्लांट दुर्घटना बयान , अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ऑर्डर पर नौसेना के अभी कम से कम 15 जहाज मिडिल ईस्ट इलाके में मौजूद हैं. इनमें एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन और 11 डिस्ट्रॉयर शामिल हैं. ये जहाज ईरान के बंदरगाहों की समुद्री नाकाबंदी में हिस्सा ले सकते हैं.

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, हालांकि, यह अभी साफ नहीं है कि ब्लॉकेड में हिस्सा लेने के लिए कौन से खास जहाज तैनात हैं या तय किए गए हैं, क्योंकि पहले के आकलन से पता चलता है कि नौसेना के जहाज अमेरिकी सेंट्रल कमांड के ऑपरेशन एरिया में बड़े पैमाने पर फैले हुए हैं.

तैनात फ्लीट में एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन के साथ 11 डिस्ट्रॉयर शामिल हैं. इनमें यूएसएस बैनब्रिज, यूएसएस थॉमसर हडनर, यूएसएस फ्रैंक ई. पीटरसन जूनियर, यूएसएस डेल्बर्ट डी. ब्लैक, यूएसएस जॉन फिन, यूएसएस माइकल मर्फी, यूएसएस मिट्सचर, यूएसएस पिंकनी, यूएसएसफ राफेल पेराल्टा, यूएसएस स्प्रुअंस और यूएसएस मिलियस शामिल हैं. इसके अलावा, त्रिपोली एम्फीबियस रेडी ग्रुप, जिसमें यूएसएस त्रिपोली, यूएसएस न्यू ऑरलियन्स और यूएसएस रशमोर शामिल हैं. ये भी इस इलाके में तैनात है.

नेवल फॉर्मेशन के साथ कई सपोर्ट और एस्कॉर्ट जहाज हैं. हालांकि, किसी भी ब्लॉकेड ऑपरेशन में मदद करने के लिए सही जगह पर पहुंचने से पहले इसे या तो स्वेज कैनाल से गुजरना होगा या मेडिटेरेनियन सी से निकलकर अफ्रीका के चारों ओर घूमना होगा.
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति ने वीकेंड में पाकिस्तान में हुई मैराथन बातचीत के बाद जिसमें कोई समझौता नहीं हुआ, ईरानी बंदरगाहों पर नौसेना नाकाबंदी का ऐलान किया.

बढ़ा हुआ मिलिट्री प्रेशर, इलाके के संकट को सुलझाने के मकसद से की गई हाई-लेवल डिप्लोमैटिक कोशिशों के नाकाम होने के बाद आया है.

ट्रंप ने कहा कि बातचीत में मुख्य रुकावट तेहरान की न्यूक्लियर महत्वाकांक्षाएं बनी हुई है और कहा कि ईरान के पास न्यूक्लियर हथियार नहीं होगा.

वीकेंड में हुई नाकाम बातचीत पर बात करते हुए ट्रंप ने कहा, हम बहुत सी बातों पर राजी हो गए थे, लेकिन वे उस पर राजी नहीं हुए और मुझे लगता है कि वे उस पर राजी हो जाएँगे.

मुझे लगभग पक्का यकीन है. असल में मुझे इस पर पूरा यकीन है. ट्रंप ने चल रही डिप्लोमैटिक कोशिशों के बारे में एक कड़ा अल्टीमेटम देते हुए कहा, अगर वे राजी नहीं होते हैं, तो कोई डील नहीं होगी. कभी कोई डील नहीं होगी. न्यूक्लियर फ्रीज के अलावा अमेरिका ने ईरान के पास अभी रखे एनरिच्ड यूरेनियम को वापस लाने को प्राथमिकता दी है.

पिछले हफ्ते ट्रंप ने दो हफ़्ते के सीजफायर का ऐलान किया था. इससे हालात की गंभीरता का पता चलता है. हालांकि, पाकिस्तान में शांति बातचीत के लडख़ड़ाने के बाद, उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने कन्फर्म किया कि ईरान न्यूक्लियर हथियार छोडऩे का वादा नहीं करेगा.

ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर सीजफायर खत्म होने तक कोई एग्रीमेंट नहीं होता है, तो यह उनके लिए अच्छा नहीं होगा. जब रिपोर्टरों ने पूछा कि क्या उनकी पिछली धमकी कि अगर सीजफायर बिना किसी डील के खत्म होता है तो पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी अभी भी कायम है तो ट्रंप ने और डिटेल में बताने से मना कर दिया.

ट्रंप ने जवाब दिया, मैं इस पर कमेंट नहीं करना चाहता, लेकिन यह उनके लिए अच्छा नहीं होगा.

दुश्मनी में मौजूदा रुकावट से पहले ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट्स को नष्ट करने की धमकी दी थी, यह कहते हुए कि इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आखिरकार कोई एग्रीमेंट होता है या नहीं.

अभी की अमेरिकी मिलिट्री कार्रवाई के एकतरफा होने के बावजूद ट्रंप ने दावा किया कि दूसरे देश, हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि कौन से देश, ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिका की नाकाबंदी में मदद करने की पेशकश कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि अमेरिका अकेले समुद्री दबाव बनाए रखने में सक्षम है. ट्रंप ने कहा, सच कहूँ तो हमें दूसरे देशों की जरूरत नहीं है लेकिन उन्होंने अपनी सेवाएं दी हैं और कहा कि इंटरनेशनल भागीदारी के बारे में और जानकारी शायद कल बताई जाएगी.x