रायपुर 28 अप्रैल 2026/ ETrendingIndia / Iranian Foreign Minister Araghchi arrives in Russia, to meet Putin / ईरान रूस कूटनीतिक दौरा , ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची रूस के दौरे पर हैं. जानकारी के मुताबिक अराघची रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ एक हाई लेवल मीटिंग के लिए सेंट पीटर्सबर्ग पहुंचे हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक, अराघची का यह दौरा ओमान और पाकिस्तान में कई डिप्लोमेसी मिशन के बाद हो रहा है, क्योंकि तेहरान दुश्मनी कम करने के अपने हालिया प्रस्ताव के लिए अतंरराष्ट्रीय सहयोग चाहता है.
अराघची की रूसी शहर की फ्लाइट पर खास कॉलसाइन मिनाब 168 था. यह नाम 28 फरवरी को दक्षिणी ईरान के शहर मिनाब के एक एलिमेंट्री स्कूल पर यूएस -इजऱाइली मिलिट्री हमले में मारे गए बच्चों की याद में चुना गया है.
मॉस्को और तेहरान के बीच कूटनीतिकता को मजबूत करते हुए, रूसी विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने इस खबर को कंफर्म किया कि अब्बास अराघची बातचीत के लिए रूस पहुंच गए हैं.
वहीं, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने भी इसकी पुष्टि की.
हाई-लेवल दौरे के एजेंडा के बारे में बताते हुए, मॉस्को में तेहरान के राजदूत काजम जलाली ने बताया कि टॉप डिप्लोमैट ने मिडिल ईस्ट में बातचीत के मौजूदा हालात, सीजफायर और झगड़े से जुड़े डेवलपमेंट पर रूसी अधिकारियों के साथ बातचीत करने का प्लान बनाया गया है.
ये बातचीत दोनों देशों के बीच दुश्मनी शुरू होने के बाद से लगातार बातचीत पर आधारित है, जिसके दौरान उनके राष्ट्रपतियों और मंत्रियों ने अक्सर टेलीफोन पर बातचीत की है.
राजदूत जलाली ने कहा कि दोनों देशों द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करने और कई क्षेत्रीय और अतंरराष्ट्रीय मुद्दों पर एक जैसी राय रखते हैं, हमने ऊंचे और टॉप लेवल पर नियमित बातचीत की है.
यह तालमेल हाल ही में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देखा गया है. राजदूत ने खास तौर पर होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका की तरफ से शुरू किए गए प्रस्ताव के बारे में दोनों देशों के बीच असरदार सहयोग पर जोर दिया, जिसे उन्होंने असंतुलित और बेमतलब बताया.
उन्होंने कहा कि रूस और चीन ने इसके खिलाफ आवाज उठाई और अपने वीटो अधिकार का इस्तेमाल किया और तेहरान को पश्चिमी डिप्लोमैटिक दबाव से बचाने में मॉस्को की भूमिका पर जोर दिया.
वहीं, रूस पहुंचने से पहले, ईरान के टॉप डिप्लोमैट ने इस रीजनल एजेंडा को आगे बढ़ाने के लिए इस्लामाबाद में अहम मीटिंग भी कीं.
रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान में हुई बातचीत में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के लिए एक नई कानूनी व्यवस्था, ईरानी पोर्ट्स पर अमेरिकी नाकाबंदी हटाने, मुआवजे के पेमेंट और ईरान पर आगे कोई हमला न होने की साफ गारंटी पर बात हुई.
इन क्षेत्रीय बातचीत के बारे में बात करते हुए, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बताया कि मंत्री का इरादा सिर्फ सीनियर पाकिस्तानी अधिकारियों से उनकी मध्यस्थता की कोशिशों के बारे में बात करना था.
उन्होंने साफ किया कि दौरे के दौरान डिप्लोमैट के एजेंडा में अमेरिकी अधिकारियों के साथ कोई मीटिंग शामिल नहीं थी.
