anil tuteja
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रायपुर 28 अप्रैल 2026 / ETrendingIndia / DMF घोटाले में बड़ा फैसला

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कोरबा जिले के जिला खनिज न्यास (DMF) फंड घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा की जमानत याचिका खारिज कर दी है। इस मामले की सुनवाई छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की सिंगल बेंच में हुई।


कोर्ट ने जताई गंभीर चिंता

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि मामले की गंभीरता, आरोपी की भूमिका और गवाहों को प्रभावित करने की संभावना को देखते हुए जमानत देना उचित नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आर्थिक अपराध सोच-समझकर किए जाते हैं और इनसे समाज का विश्वास व राष्ट्रीय हित प्रभावित होता है।


जांच में सामने आए अहम तथ्य

जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी ने अपने पद का दुरुपयोग कर निजी कंपनियों के साथ मिलकर सार्वजनिक धन का दुरुपयोग किया। केस डायरी के आधार पर यह भी सामने आया कि इस घोटाले में करोड़ों रुपये की अवैध लेन-देन हुई, जिसमें कथित तौर पर कमीशन के रूप में बड़ी रकम शामिल है।


जमानत के पक्ष में दी गई दलीलें खारिज

आवेदक की ओर से यह तर्क दिया गया कि अन्य सह-आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है, इसलिए उन्हें भी समान आधार पर राहत मिलनी चाहिए। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि सह-आरोपियों की हिरासत अवधि अधिक रही है, जबकि आवेदक अभी कम समय से जेल में है, इसलिए पैरिटी लागू नहीं होती।


आगे की कार्रवाई जारी

ईओडब्ल्यू एवं एसीबी द्वारा इस मामले की जांच जारी है। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए आरोपी की कस्टडी आवश्यक है।


निष्कर्ष

अनिल टुटेजा जमानत याचिका खारिज होने के साथ ही DMF घोटाले में कानूनी कार्रवाई और तेज होने के संकेत मिले हैं। यह फैसला भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त रुख को दर्शाता है और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग पर कड़ी निगरानी का संदेश देता है।