Share This Article रायपुर 3 मई 2026/ ETrendingIndia / भारतमाला मुआवजा घोटाले पर प्रशासन सख्त रायपुर में सामने आए भारतमाला मुआवजा घोटाला मामले में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। संभाग आयुक्त महादेव कांवरे के निर्देश पर दो नई जांच टीमों का गठन किया गया है। इस बार जांच का दायरा पहले से अधिक व्यापक रखा गया है। इसके अलावा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जिन जमीनों पर मुआवजा दिया गया है, उन सभी खसरा नंबरों की विस्तार से जांच की जाए। प्रशासन का कहना है कि जांच केवल शिकायत वाले मामलों तक सीमित नहीं रहेगी। रायपुर और धमतरी में अलग-अलग टीमें गठित प्रशासन के अनुसार रायपुर जिले में जांच की जिम्मेदारी डिप्टी कलेक्टर ज्योति सिंह की टीम को सौंपी गई है। वहीं, धमतरी जिले में अपर कलेक्टर पवन कुमार के नेतृत्व में जांच की जाएगी। इसके बाद दोनों टीमें अपनी रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार को सौंपेंगी। अधिकारियों को एक महीने के भीतर जांच पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसलिए अब मामले में तेजी आने की उम्मीद बढ़ गई है। ईडी जांच के बाद बढ़ी सख्ती हाल ही में ईडी की जांच में कई अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध बताई गई थी। इसी कारण भारतमाला मुआवजा घोटाला मामले में प्रशासन ने सख्त रवैया अपनाया है। अब तक डिप्टी कलेक्टर स्तर के दो अधिकारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। हालांकि जांच एजेंसियों को अन्य अधिकारियों की संलिप्तता की भी आशंका है। इस कारण आगे और कार्रवाई संभव मानी जा रही है। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला पहले बनी जांच टीमें केवल शिकायत आधारित मामलों की जांच कर रही थीं। लेकिन अब हर खसरा नंबर की जांच का फैसला लिया गया है। इससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है। अंत में प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था भी मजबूत की जाएगी। Share This Article Post navigation 30 दिन में 114 गुमशुदा बरामद ‘ऑपरेशन तलाशÓ ने लौटाई सैकड़ों घरों की मुस्कान 03 -04 मई को रायपुर-गेवरा रोड मेमू पैसेंजर रद्द