रायपुर, 04 मई 2026/ ETrendingIndia / years of separation.. Where did you come now… Chhattisgarh’s Rajnandgaon police became the number 1 in the country. / राजनांदगांव ऑपरेशन तलाश , राजनांदगांव पुलिस ने ऑपरेशन तलाश में ऐसा कमाल किया कि पूरे छत्तीसगढ़ में 49त्न सफलता दर के साथ पहला स्थान हासिल कर लिया और महज एक महीने में 280 गुमशुदा लोगों को खोजकर परिवारों से मिला दिया.
यह अभियान 1 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक चला जिसमें पुलिस टीमों ने दिन-रात मेहनत करते हुए 166 महिलाओं और 88 पुरुषों समेत कुल 254 लोगों को ऑपरेशन तलाश के तहत दस्तयाब किया.
वहीं ऑपरेशन मुस्कान के जरिए 23 बालिकाओं और 3 बालकों सहित 26 बच्चों को सुरक्षित बरामद किया गया.
इस तरह कुल 280 जिंदगियां फिर अपने घर पहुंचीं और कई परिवारों में खुशी के आंसू छलक उठे, खास बात यह रही कि 72 से ज्यादा गुमशुदा छत्तीसगढ़ के बाहर से खोजे गए.
पुलिस टीमों ने उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, झारखंड, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, केरल, तमिलनाडु, बिहार, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों के अलग-अलग जिलों में पहुंचकर गहन तलाश की और हर सुराग को जोड़ते हुए लोगों को सुरक्षित वापस लाया.
इस बड़ी सफलता के पीछे पुलिस अधीक्षक अंकित शर्मा का नेतृत्व और पूरी टीम की लगातार मेहनत रही, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक किर्तन राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन, नगर पुलिस अधीक्षक एलेक्सजेण्डर, एसडीओपी डोंगरगढ़ केशरी नंदन नायक और एसडीओपी डोंगरगांव मंजुलता बाज सहित जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारियों की सक्रिय भूमिका रही.
पुलिस ने सभी गुमशुदाओं को विधिसम्मत प्रक्रिया के बाद उनके परिजनों को सौंपा जिससे बिछड़े रिश्ते फिर जुड़ गए और घरों में खुशियां लौट आईं, बहरहाल यह अभियान साबित करता है कि जब पुलिस संवेदनशीलता और संकल्प के साथ काम करती है तो हर गुमशुदा एक दिन अपने घर जरूर लौटता है।
