रायपुर 9 मई 2026/ ETrendingIndia / Madhya Pradesh becomes international centre of vulture conservation: 3000 km flight to Uzbekistan / मध्यप्रदेश गिद्ध संरक्षण , मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश वन्य जीव संरक्षण के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। गिद्ध संरक्षण के क्षेत्र में प्रदेश एक अंतर्राष्ट्रीय हब के रूप में उभर रहा है।
सिनेरियस गिद्ध की प्रेरणादायी यात्रा
हाल ही में मध्यप्रदेश से जुड़े एक सिनेरियस गिद्ध की प्रेरणादायी यात्रा ने प्रदेश के संरक्षण प्रयासों को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई है।
दुर्लभ सिनेरियस गिद्ध का रेस्क्यू 19 दिसंबर 2025 को विदिशा जिले के सिरोंज क्षेत्र से किया गया था।
घायल एवं कमजोर अवस्था में मिले इस गिद्ध का उपचार वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, भोपाल एवं बीएनएचएस के संयुक्त तत्वावधान में संचालित वल्चर कंजर्वेशन ब्रीडिंग सेंटर, केरवा में विशेषज्ञों द्वारा किया गया।
स्वस्थ होने के बाद 23 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसे रायसेन जिले के हलाली डैम स्थित प्राकृतिक आवास में मुक्त किया था। मुक्त किए जाने के बाद यह गिद्ध लगभग एक माह तक हलाली डैम क्षेत्र में रहा और प्राकृतिक वातावरण में स्वयं को पुनः अनुकूलित करता रहा।
डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया एवं बीएनएच के सहयोग से वन विहार द्वारा इसकी जीपीएस ट्रैकिंग प्रारंभ की गई। इससे गिद्ध की गतिविधियों एवं प्रवास की वैज्ञानिक तरीके से निगरानी की जा रही है।
हलाली डैम से अंतर्राष्ट्रीय यात्रा
ट्रैकिंग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस गिद्ध ने 10 अप्रैल 2026 को हलाली डैम से अपनी लंबी अंतर्राष्ट्रीय यात्रा प्रारंभ की। राजस्थान से होते हुए यह पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमाएं पार कर 4 मई 2026 को उज्बेकिस्तान पहुंच गया। इस दौरान इसने 3000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की।
नेविगेशन, सहनशीलता एवं जीवटता का जीवंत उदाहरण
यह अद्भुत यात्रा गिद्धों की असाधारण नेविगेशन क्षमता, सहनशीलता एवं जीवटता का जीवंत उदाहरण है।
ह मध्यप्रदेश सरकार की वन्यजीव संरक्षण के प्रति गंभीर प्रतिबद्धता एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण को दर्शाती है। गिद्ध संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे सतत प्रयासों, आधुनिक उपचार सुविधाओं, वैज्ञानिक मॉनिटरिंग और राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं के सहयोग से मध्यप्रदेश आज देश के साथ ही वैश्विक वन एवं वन्यजीव संरक्षण समुदाय के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरा है।
