ambedkar hospital
ambedkar hospital
Share This Article

रायपुर, 13 मई 2026 / ETrendingIndia / अम्बेडकर अस्पताल में जटिल सर्जरी से बची युवक की जान, 10 साल से खांसी में आता था खून

10 साल से गंभीर बीमारी से जूझ रहा था युवक

Dr. Bhimrao Ambedkar Memorial Hospital के हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग ने एक बेहद जटिल और जीवनरक्षक ऑपरेशन कर 25 वर्षीय युवक को नई जिंदगी दी है। यह अम्बेडकर अस्पताल सर्जरी लंबे समय से खांसी में खून आने की गंभीर समस्या से जूझ रहे मरीज के लिए राहत लेकर आई।

जानकारी के अनुसार अभनपुर के पास चटौद निवासी युवक पिछले लगभग 10 वर्षों से खांसी और बलगम में खून आने की समस्या से परेशान था। शुरुआत में परेशानी कम थी, लेकिन पिछले एक महीने में स्थिति तेजी से बिगड़ गई। हर बार खांसने पर 50 से 70 एमएल तक खून निकल रहा था।

जांच में सामने आया फंगल संक्रमण

अम्बेडकर अस्पताल सर्जरी से पहले मरीज की कई जांच की गईं। सीटी स्कैन में दाएं फेफड़े के निचले हिस्से में बड़ी कैविटी और एस्परजिलोमा नामक फंगल संक्रमण की पुष्टि हुई। डॉक्टरों के अनुसार यह बीमारी अक्सर टीबी से पीड़ित मरीजों में देखने को मिलती है।

हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभागाध्यक्ष Dr. Krishnakant Sahu ने बताया कि मरीज की जान बचाने के लिए तत्काल ऑपरेशन जरूरी था। इसलिए डॉक्टरों की टीम ने लोबेक्टॉमी सर्जरी करने का फैसला लिया।

हाई-रिस्क सर्जरी से बची मरीज की जान

यह अम्बेडकर अस्पताल सर्जरी बेहद जटिल और हाई-रिस्क मानी जाती है। ऑपरेशन के दौरान फेफड़ों की मुख्य रक्त वाहिनियों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। हालांकि डॉक्टरों ने अत्याधुनिक लंग स्टेपलर गन तकनीक का उपयोग कर सफल ऑपरेशन किया।

सर्जरी के बाद मरीज की हालत तेजी से सुधरी। कुछ दिनों तक निगरानी में रखने के बाद उसे पूरी तरह स्वस्थ होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। खास बात यह रही कि पूरा इलाज आयुष्मान योजना के तहत निशुल्क किया गया।

डॉक्टरों ने दी महत्वपूर्ण सलाह

डॉक्टरों ने बताया कि खांसी के साथ खून आना यानी हीमोप्टाइसिस कई गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है। इसके पीछे टीबी, फेफड़ों का कैंसर, ब्रोंकाइटिस और अन्य फेफड़ों की बीमारियां जिम्मेदार हो सकती हैं।