रायपुर 17 मई 2026/ ETrendingIndia / What is ‘Repness Theory’, why is it being discussed ? रिपनेस थ्योरी , अंतरराष्ट्रीय संबंधों में “रिपनेस थ्योरी” का मतलब किसी विवाद या संघर्ष को सुलझाने के लिए सही समय से है।
यह सिद्धांत प्रसिद्ध विद्वान I. Wil liam Zartman ने दिया था। उनके अनुसार, किसी भी दो देशों या गुटों के बीच समझौता तब सफल होता है, जब दोनों पक्ष यह महसूस करने लगें कि संघर्ष जारी रखने से केवल नुकसान होगा और किसी की स्पष्ट जीत संभव नहीं है।
इस स्थिति को “म्युचुअली हर्टिंग स्टेलमेट” कहा जाता है। यानी ऐसी परिस्थिति, जहां युद्ध या तनाव दोनों पक्षों के लिए भारी पड़ने लगे और बातचीत ही सबसे बेहतर रास्ता दिखाई दे।
हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में Iran और United States के बीच बढ़ते तनाव के कारण यह थ्योरी फिर चर्चा में है।
विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक जारी तनाव, आर्थिक दबाव और सुरक्षा चिंताओं के चलते कई बार देशों को बातचीत और समझौते की दिशा में आगे बढ़ना पड़ता है।
