रायपुर,17 मई 2026 / ETrendingIndia / : पश्चिम बंगाल में जाति प्रमाणपत्रों की बड़ी पुनः जांच
पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में 2011 के बाद जारी किए गए सभी जाति प्रमाणपत्रों की पुनः जांच का आदेश दिया है। यह कदम लगभग 1.69 करोड़ प्रमाणपत्रों को प्रभावित करेगा।
पुनः सत्यापन अभियान शुरू
यह आदेश उन प्रमाणपत्रों पर लागू होगा जो विभिन्न श्रेणियों—SC, ST और OBC—के तहत जारी किए गए हैं। इनमें से कई प्रमाणपत्र “Duare Sarkar” कैंपों के माध्यम से भी जारी किए गए थे।
सरकारी निर्देश में सभी जिला मजिस्ट्रेटों को इस पुनः सत्यापन प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के अनुसार पूरा करने को कहा गया है।
जांच के दायरे में करोड़ों प्रमाणपत्र
रिपोर्ट के अनुसार, जांच में शामिल आंकड़े इस प्रकार हैं:
- लगभग 1 करोड़ SC प्रमाणपत्र
- 21 लाख ST प्रमाणपत्र
- 48 लाख OBC प्रमाणपत्र
इनमें बड़ी संख्या में प्रमाणपत्र पिछले 15 वर्षों में जारी किए गए हैं।
सरकार का दावा और आरोप
राज्य सरकार का कहना है कि कई प्रमाणपत्रों की “authenticity और genuineness” को लेकर सवाल उठे हैं।
Government of West Bengal का दावा है कि यह कदम पारदर्शिता और गलत लाभ रोकने के लिए जरूरी है।
वहीं विपक्षी पक्ष ने पहले की सरकार पर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं।
जांच का राजनीतिक महत्व बढ़ा
इस बड़े पुनः सत्यापन अभियान को राज्य की सामाजिक और राजनीतिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि जाति प्रमाणपत्र कई सरकारी योजनाओं और आरक्षण लाभों से जुड़े होते हैं।
