Share This Article रायपुर/ ETrendingIndia / भारत में वेयरहाउसिंग उद्योग अब केवल भंडारण तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह एक स्मार्ट, तकनीक-संचालित और सुव्यवस्थित आपूर्ति श्रृंखला का प्रमुख हिस्सा बनता जा रहा है। हाल के वर्षों में ई–कॉमर्स, बेहतर वितरण प्रणाली, एफएमसीजी, खुदरा और फार्मास्युटिकल जैसे क्षेत्रों की बढ़ती मांग ने वेयरहाउसिंग उद्योग को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाया है। ई–कॉमर्स कंपनियों की ओर से उपभोक्ताओं को समय पर और सटीक डिलीवरी की जरूरत के कारण वे बड़े शहरों के साथ छोटे कस्बों तक वेयरहाउसिंग नेटवर्क फैला रही हैं। विशेष रूप से तमिलनाडु, हरियाणा, गुजरात और कर्नाटक आदि में भू-सुविधाओं और लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी के चलते ये केंद्र वेयरहाउसिंग हब के रूप में उभर रहे हैं। भारत सरकार द्वारा मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब, सड़क एवं रेल नेटवर्क और डिजिटल तकनीकों को प्राथमिकता देने से वेयरहाउसिंग उद्योग में निवेश को भी बढ़ावा मिल रहा है। नीति आयोग और अन्य सरकारी एजेंसियां इस क्षेत्र को संगठित एवं टिकाऊ बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। भविष्य की दृष्टि से यह उद्योग सिर्फ भंडारण नहीं, बल्कि व्यापारिक दक्षता, लागत नियंत्रण और उपभोक्ता संतुष्टि का आधार बनता जा रहा है। अत्याधुनिक सुविधाओं वाले वेयरहाउस जैसे कि तापमान नियंत्रित भंडारण, स्वचालित सामग्री प्रबंधन प्रणाली, और एआई आधारित ट्रैकिंग, भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का मजबूत खिलाड़ी बना रहे हैं। इस दिशा में 26–27 – 28 जून 2025 को यशोभूमि, द्वारका, नई दिल्ली में होने वाला “भारत भंडारण सम्मेलन” इस विकास यात्रा को और गति देगा, जिसमें नीति-निर्माताओं, निवेशकों और कारोबारियों की भागीदारी से इस क्षेत्र की नई संभावनाएं सामने आएंगी। इस सम्मेलन में प्रवेश निःशुल्क है। Share This Article Post navigation ईरान-इज़राइल बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी पठानकोट से गुलाब-खुशबू वाली लीची की पहली खेप कतर रवाना