India-China border
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भारत 1 जून 2026/ ETrendingIndia / India-China border trade to resume after seven years: Lipulekh route to increase business activities / India China Border Trade 2026 – भारत और चीन के बीच उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे से होने वाला सीमा व्यापार सात वर्ष बाद फिर शुरू होने जा रहा है। वर्ष 2020 में Galwan Valley Clash के बाद यह व्यापार बंद कर दिया गया था।

अब दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार और सीमावर्ती क्षेत्रों के आर्थिक विकास को ध्यान में रखते हुए व्यापार गतिविधियों को पुनः शुरू किया जा रहा है।

लिपुलेख मार्ग से होगा व्यापार

यह व्यापार उत्तराखंड के Lipulekh Pass के रास्ते संचालित होगा। सीमावर्ती क्षेत्र के व्यापारी तिब्बत की प्रसिद्ध Taklakot मंडी तक पहुंच सकेंगे और वहां से वस्तुओं का आयात-निर्यात कर सकेंगे।

बिना वीजा केवल ट्रेड पास से मिलेगी अनुमति

व्यापारियों को चीन जाने के लिए वीजा की आवश्यकता नहीं होगी। वे केवल विशेष ट्रेड पास के आधार पर सीमा पार कर सकेंगे। इससे व्यापार प्रक्रिया आसान होगी और स्थानीय कारोबारियों को लाभ मिलेगा।

पहली बार वाहनों से भेजा जाएगा माल

इस बार व्यापार की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि माल ढुलाई के लिए घोड़ों और खच्चरों के बजाय वाहनों का उपयोग किया जाएगा। इससे सामान का परिवहन तेज, सुरक्षित और अधिक मात्रा में संभव हो सकेगा।

सीमावर्ती क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ

विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा व्यापार फिर शुरू होने से पिथौरागढ़ और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार और व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी। स्थानीय उत्पादों को नया बाजार मिलेगा तथा सीमावर्ती गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

कैलाश-मानसरोवर यात्रा से भी जुड़ा है मार्ग

लिपुलेख दर्रा भारत और तिब्बत को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मार्ग है। इसी रास्ते से Kailash Mansarovar यात्रा भी संचालित होती है। व्यापार बहाली को क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को फायदा

सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापार, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।