रायपुर,06 जून 2026/ ETrendingIndia / “Annamalai announces the formation of a new party; says: Our views did not align with the BJP…” अन्नामलाई नई पार्टी – तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई ने नई पार्टी बनाने का ऐलान किया है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, हम एक नया राजनीतिक आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं।
बता दें कि आज ही अन्नामलाई ने भाजपा छोड़ी थी। उन्होंने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन को इस्तीफा सौंपा था, जिसे मंजूर भी कर लिया गया। अन्नामलाई 7 जून को अपने समर्थकों के साथ बैठक करेंगे।इसके बाद आगे की रणनीति का ऐलान कर सकते हैं।
अन्नामलाई ने कहा कि वह एक स्वतंत्र राजनीतिक रास्ता अपनाएंगे और तमिलनाडु की राजनीति में एक नई राह बनाने के लिए अकेले संघर्ष करेंगे। उन्होंने कहा, तमिलनाडु को लेकर मेरी राय भाजपा नेतृत्व की राय से मेल नहीं खाती थी। मतभेदों को दूर करने के लिए मैंने पिछले 18 महीनों में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ कई बार बातचीत की थी।
अन्नामलाई ने दावा किया कि रजनीकांत ने उनसे साथ मिलकर काम करने का आग्रह किया था।
भाजपा में अपने कार्यकाल को एक महत्वपूर्ण अध्याय बताते हुए अन्नामलाई ने कहा, भाजपा में बिताए 6 साल हमारे लिए एक महत्वपूर्ण अवसर और सीखने का अनुभव रहे हैं। हालांकि, हमारे लक्ष्य अब कहीं अधिक व्यापक हैं। ऐसी राजनीति की आवश्यकता है जो वास्तविक परिवर्तन ला सके।
राजनीति आम आदमी पर केंद्रित होनी चाहिए और सार्थक बदलाव लाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। हमें व्यक्तिवादी राजनीति से बाहर निकलना होगा। हमें आम आदमी की राजनीति की जरूरत है।
अन्नामलाई ने कहा, हमारे मूल सिद्धांतों से उभरकर राजनीति में एक नया आंदोलन और एक नया आयाम शुरू होने वाला है। हमारा ध्यान राज्य के विकास पर केंद्रित रहेगा और हमें तमिलनाडु को आगे ले जाना है। यह आंदोलन लोगों को एकजुट करने और सबको साथ लेकर चलने वाला होगा।
अन्नामलाई ने आगे कहा कि वे 2031 का चुनाव स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में लड़ेंगे। उन्होंने कहा, मैं 2031 के चुनाव स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में लड़ूंगा।
42 वर्षीय अन्नामलाई 2011 कैडर के आईपीएस अधिकारी रहे हैं। उन्होंने इंजीनियरिंग के साथ-साथ एमबीए की पढ़ाई की है। 2019 में राजनीति में आने के लिए उन्होंने आईपीएस से इस्तीफा दे दिया था। अगले साल वे भाजपा में शामिल हो गए। 2021 में तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बने। हालांकि, इसी साल अरावकुरिची सीट से विधानसभा चुनाव हार गए। प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए उन्हें भाजपा के संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का श्रेय दिया जाता है।
