एनएमडीसी की जनजातीय शिक्षा
एनएमडीसी की जनजातीय शिक्षा
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रायपुर / ETrendingIndia / एनएमडीसी की जनजातीय शिक्षा , भारत की सबसे बड़ी लौह अयस्क उत्पादक कंपनी एनएमडीसी लिमिटेड ने छत्तीसगढ़ के जनजातीय युवाओं के लिए दो पूर्ण छात्रवृत्ति शिक्षा योजनाओं के तहत आवेदन आमंत्रित किए हैं। ये योजनाएं कंपनी की कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत शुरू की गई हैं।

पहली योजना ‘बालिका शिक्षा योजना’ है, जो अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग की बालिकाओं के लिए है। यह योजना बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, कोंडागांव, बीजापुर और नारायणपुर जिलों की छात्राओं के लिए लागू होगी। इसके तहत बी.एससी. नर्सिंग (4 वर्ष) के लिए 110 सीटें और GNM (3 वर्ष) के लिए 90 सीटें उपलब्ध हैं।

यह योजना सभी शैक्षणिक, आवासीय और शुल्क संबंधित खर्चों को कवर करती है, जिसकी प्रति छात्रा लागत ₹12 से ₹15 लाख तक होगी। आवेदन करने के लिए छात्रा को ST वर्ग से होना चाहिए और उसके परिवार की वार्षिक आय ₹72,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए। आवेदन की अंतिम तिथि 28 जून 2025 है।

दूसरी योजना ‘मेडिकल टेक्नोलॉजी प्रोग्राम’ है, जो दंतेवाड़ा और बस्तर जिलों के ST युवाओं के लिए है। यह योजना Apollo University, चित्तूर के साथ साझेदारी में शुरू की गई है। इस कार्यक्रम के तहत 90 सीटें उपलब्ध हैं, जिनमें 60% सीटें लड़कियों और 40% लड़कों के लिए आरक्षित हैं।

इस पाठ्यक्रम में छात्र B.Sc. इन एमरजेंसी मेडिकल टेक्नोलॉजी, मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी, एनेस्थेसियोलॉजी व ऑपरेशन थिएटर, इमेजिंग टेक्नोलॉजी, फिजिशियन असिस्टेंट और रीनल डायलिसिस टेक्नोलॉजी जैसे विषयों में पढ़ाई कर सकेंगे। इसमें भी ₹12 से ₹15 लाख तक की संपूर्ण छात्रवृत्ति मिलेगी। आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून 2025 है।

एनएमडीसी पिछले छह दशकों से छत्तीसगढ़ के सामाजिक व औद्योगिक विकास में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इन नई शिक्षा योजनाओं से जनजातीय युवाओं को व्यावसायिक कौशल मिलेगा, जिससे वे आत्मनिर्भर जीवन जी सकेंगे।