Ethanol-Blended Petrol Safe
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रायपुर , 25 जून 2026/ ETrendingIndia / “Ethanol-Blended Petrol Safe: Insurance Claims Will Not Be Invalidated by E20 Fuel, Government Rejects Rumours. एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर सरकार की बड़ी सफाई

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक जानकारियों का खंडन किया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि E20 ईंधन का उपयोग करने से वाहन मालिकों के बीमा दावों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

मंत्रालय ने कहा कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल दुनिया के कई देशों में सफलतापूर्वक उपयोग किया जा रहा है। इसके अलावा अमेरिका, ब्राजील और जापान जैसे देशों में भी यह व्यवस्था लंबे समय से लागू है।

E20 पेट्रोल से इंश्योरेंस क्लेम पर नहीं पड़ेगा असर

मंत्रालय के अनुसार, कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया था कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहन बीमा अमान्य हो सकता है। हालांकि, सरकार ने इन दावों को पूरी तरह निराधार बताया है।

सरकार ने कहा कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार तैयार किया जाता है। इसलिए वाहन चालकों को किसी तरह की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। साथ ही वाहन निर्माताओं द्वारा भी E20 अनुकूल तकनीक को बढ़ावा दिया जा रहा है।

गन्ने का रस सीधे पेट्रोल में मिलाने का दावा भ्रामक

मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि पेट्रोल में सीधे गन्ने का रस मिलाने जैसी बातें पूरी तरह गलत हैं। एथेनॉल कई औद्योगिक प्रक्रियाओं से गुजरकर तैयार किया जाता है। पहले कच्चे पदार्थों का प्रसंस्करण होता है, फिर किण्वन और शुद्धिकरण की प्रक्रिया पूरी की जाती है।

उदाहरण के लिए, एथेनॉल का उत्पादन गन्ने के रस, शीरे, टूटे चावल और मक्का जैसे स्रोतों से किया जा सकता है। लेकिन अंतिम उत्पाद के गुण मूल कच्चे पदार्थ से पूरी तरह अलग होते हैं।

विदेशी मुद्रा बचत में भी अहम योगदान

सरकार के अनुसार, एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल कार्यक्रम से देश को बड़ा आर्थिक लाभ मिला है। इससे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम हुई है। परिणामस्वरूप विदेशी मुद्रा की भी उल्लेखनीय बचत हुई है।