रायपुर, 25 जून 2026/ ETrendingIndia / “Sirpur on the World Tourism Map: Integrated Development Project gains momentum… light and sound show, bamboo rafting…”छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर सिरपुर को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।
पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारती दासन की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित सिरपुर एकीकृत विकास परियोजना संबंधी अंतर्विभागीय समिति की द्वितीय बैठक में सिरपुर के समग्र विकास, पर्यटन अधोसंरचना के विस्तार और विश्वस्तरीय विरासत गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, जिला प्रशासन महासमुंद, सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण, वन विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में डॉ॰ दासन ने कहा कि सिरपुर को यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में मिश्रित श्रेणी में शामिल कराने के लिए तैयार प्रस्ताव को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए तथा एकीकृत विकास की कार्ययोजना को निर्धारित समय-सीमा में आगे बढ़ाया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सिरपुर की समृद्ध बौद्ध, जैन और हिंदू विरासत को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
पर्यटकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रशिक्षित स्थानीय गाइडों की सूची तैयार कर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड को उपलब्ध कराने, गाइडों के न्यूनतम शुल्क निर्धारित करने तथा लक्ष्मण मंदिर, पर्यटन सूचना केंद्र और अन्य प्रमुख स्थलों पर उनकी सूची एवं संपर्क विवरण प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही स्थानीय गाइडों को विभिन्न विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण देने तथा प्रशिक्षित गाइडों को पर्यटन सूचना केंद्रों एवं पुरातत्व संस्थानों में अवसर उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया गया।
कोडार डैम और रायकेश तालाब में बांस राफ्टिंग, नौकायन तथा कैंटीन
सिरपुर आने वाले पर्यटकों के लिए नए आकर्षण विकसित करने का भी निर्णय लिया गया। इसके तहत कोडार डैम और रायकेश तालाब में स्व-सहायता समूहों के माध्यम से बांस राफ्टिंग, नौकायन तथा कैंटीन संचालन जैसी गतिविधियां प्रारंभ की जाएंगी ।
पर्यटन अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए लक्ष्मण मंदिर परिसर के आसपास सुव्यवस्थित पार्किंग, स्मृति चिन्ह बिक्री केंद्र, पेयजल, शौचालय, कैफेटेरिया और अन्य आवश्यक सुविधाओं का शीघ्र विकास करने का निर्णय लिया गया।
सुरंग टीला में अत्याधुनिक लाइट एंड साउंड शो
सिरपुर की ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से पर्यटकों तक पहुंचाने के लिए सुरंग टीला में अत्याधुनिक लाइट एंड साउंड शो विकसित किया जाएगा।
इसके लिए ह्वेनसांग की यात्रा, कलचुरी काल, बौद्ध, जैन एवं हिंदू विरासत, सूर्यवर्मा-वासटा, वीर नारायण सिंह, गुंडाधुर तथा लोरिक-चंदा जैसे ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक प्रसंगों पर आधारित आकर्षक स्क्रिप्ट शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
सिरपुर महोत्सव बनेगा अधिक भव्य एवं आकर्षक
बैठक में आगामी सिरपुर महोत्सव को और अधिक भव्य एवं आकर्षक स्वरूप देने पर भी सहमति बनी। महोत्सव में सिरपुर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत पर आधारित विशेष एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
साथ ही दक्षिण एशियाई देशों से अधिकाधिक पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रचार-प्रसार एवं रणनीति तैयार करने का निर्णय लिया गया।
राज्य स्तरीय संग्रहालय को सार्वजनिक-निजी सहभागिता मॉडल पर विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की गई है।
इसके लिए ओडिशा के कोणार्क तथा तमिलनाडु के केलडी स्थित संग्रहालयों का अध्ययन भ्रमण जुलाई माह में कराया जाएगा तथा अगस्त-सितंबर तक विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
विदेशों पहुंचे सिरपुर के पुरावशेषों को भारत वापस लाने कार्यवाही
इसके अलावा विदेशों में पहुंचे सिरपुर के महत्वपूर्ण पुरावशेषों को भारत वापस लाने के लिए भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के माध्यम से आवश्यक कार्यवाही करने तथा नए उत्खनन स्थलों का संयुक्त निरीक्षण कर 15 दिनों के भीतर उनका चयन करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में जिला प्रशासन महासमुंद को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के लिए आवश्यक भूमि का आवंटन एक माह के भीतर सुनिश्चित करने, भूमि अधिग्रहण संबंधी प्रक्रियाओं में समन्वय स्थापित करने तथा सुरंग टीला क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए गए।
सिरपुर में पर्यटन गतिविधियों के प्रभावी संचालन और प्रबंधन के लिए डेस्टिनेशन मैनेजमेंट संगठन अथवा विशेष प्रयोजन वाहन गठित करने का प्रस्ताव तैयार करने पर भी बल दिया गया।
पर्यटन सचिव ने निर्देश दिए कि कोर एवं बफर क्षेत्र का स्पष्ट निर्धारण किया जाए, प्रस्तावित बौद्ध पार्क को सार्वजनिक-निजी सहभागिता मॉडल पर विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया जाए.
सिरपुर के विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए अंतर्विभागीय समिति की बैठक प्रत्येक तीन माह में नियमित रूप से आयोजित की जाएगी।
पर्यटन सचिव डॉ. एस. भारती दासन ने कहा कि सिरपुर को उसकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के अनुरूप विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
बैठक में श्री विवेक आचार्य, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड, श्री धम्मशील गणवीर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण एवं वनमंडलाधिकारी बलौदाबाजार वनमंडल, श्री मयंक पाण्डेय वनमंडलाधिकारी, वनमंडल महासमुंद, श्री हेमंत रमेश नंदनवार, मुख्य कायर्पालन अधिकारी जिला पंचायत महासमुंद, श्री रविकुमार साहू अपर कलेक्टर जिला महासमुंद, डॉ. एम. कालिमूथू, अधीक्षण पुरातत्वविद्, भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण, रायपुर सर्कल, छ.ग., श्रीमती पूनम शर्मा, उपमहाप्रबंधक, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड, श्री प्रमील कुमार वर्मा, विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी, पर्यटन विभाग, श्री सी. एल. देवांगन, विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी, जल संसाधन विभाग, श्री प्रभात सिंह, पुरातत्त्वविद, पुरातत्व अभिलेखागार एवं संग्रहालय संचालनालय, रायपुर एवं श्री विजय परमार, पर्यटन अधिकारी, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड उपस्थित रहे।
